प्रदेश के सरकारी चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सकों का अस्पताल समय के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस करना बेहद गंभीर मामला है। इस बारे में राज्य सरकार जल्द ही सख्त एक्शन लेने वाली है। अस्पताल समय में प्राइवेट प्रैक्टिस करने वाले चिकित्सकों को सस्पेंड किया जाएगा। हम इसकी पूरी मॉनिटरिंग कराएंगे। ये कहना है प्रदेश सरकार में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का। मंत्री गजेंद्र सिंह आज नागौर जिले के दौरे पर रहे।
जिले के कुचामन सिटी में चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का स्थानीय चिकित्सा विभाग, सामाजिक संस्था लायंस क्लब और राजपूत समाज की ओर से भव्य स्वागत किया गया। इस मौके पर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री और स्थानीय विधायक विजय सिंह चौधरी नागौर जिला प्रमुख भागीरथ राम चौधरी और कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ कई चिकित्सा कर्मी भी मौजूद रहे।
चिरंजीवी योजना बोगस साबित
मीडिया से रूबरू हुए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि प्रदेश के सुदूर ग्रामीण इलाकों में भी चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ करने का हमारा लक्ष्य है और जनसंख्या के मुताबिक क्षेत्र में चिकित्सा सुविधाएं, संसाधन और चिकित्सालय भवन का निर्माण आदि विशेष नीति के तहत किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि पिछली प्रदेश सरकार के कार्यकाल में चिरंजीवी योजना बोगस साबित हुई है।
चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि राजस्थान सरकार में कोई भी सरकारी चिकित्सक अपने ड्यूटी टाइम के दौरान प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं करेगा। यदि ऐसा करता पाया जाएगा तो उसको सस्पेंड किया जाएगा। सरकार का पैसा लेकर प्राइवेट प्रैक्टिस करने वालों के प्रति मैं किसी प्रकार का कोई कंप्रोमाइज नहीं करूंगा। मैं इसकी चेकिंग करूंगा।