कोटा सिटी एसपी शरद चौधरी ने बताया कि आरकेपुरम थाना क्षेत्र स्थित श्रीनाथपुरम स्टेडियम के पास 22 दिसम्बर,2019 की शाम रणवीर चौधरी की फायरिंग करके नृशंस तरीके से हत्या की गई थी। गैंगस्टर भानुप्रताप की शिवराज गैग के बाद रणवीर चौधरी भानु गैग का संचालन कर रहा था। इसी गैंगवार मे शिवराज गैंग ने श्रीनाथपुरम स्डेडियम से घूमकर बाहर आते समय रणवीर चौधरी की हत्या कर दी थी।
9 आरोपी पहले ही किए जा चुके गिरफ्तार
एसपी चौधरी ने बताया कि मामले में पूर्व में पीर मोहम्मद उर्फ पीरू (52 साल) निवासी गुमानपुरा, मोहम्मद अनीस उर्फ टिंकु खान (33 साल) निवासी थाना उद्योगनगर, शिवराज सिंह उर्फ कालिया (50 साल) निवासी थाना भीमगंज मण्डी, लोकेश सोनी उर्फ कालू (40 साल) निवासी धरियावद, जिला प्रतापगढ, गौरव शर्मा उर्फ गोलू उर्फ छोटू (28 साल) निवासी नई दिल्ली, शराफत अली (49 साल) निवासी थाना कोतवाली जिला बारां, हाल निवासी थाना आर.के. पुरम कोटा शहर, विक्रम सिंह (40 साल) निवासी थाना कवाई जिला बारां हाल थाना आर. के. पुरम कोटा शहर, मोहम्मद मंसूर (30 साल) निवासी विज्ञान नगर, रशीद अहमद (38 साल) निवासी बोरखेडा जिला कोटा शहर को गिरफ्तार किया जा चुका था।
फरार चारों अभियुक्तों पर 25-25 हजार इनाम घोषित करवाया
एसपी शरद चौधरी ने बताया कि हत्याकांड मे 4 आरोपी हारून पुत्र पीर मोहम्मद उर्फ पीरू (28 साल), अजय सिंह उर्फ अज्जु बना (28 साल) निवासी थाना गुमानपुरा, महेश पुत्र छोटुलाल (28 साल) निवासी थाना कैथूनीपोल और मनीष सारडीवाल फरार चल रहे थे। जिनका कोर्ट से स्थायी गिरफ्तारी वारंट भी जारी है।
डीजीपी उमेश मिश्रा और एडीजी क्राइम दिनेश एम.एन के निर्देशन में चलाए गए अभियान के तहत वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के तहत चारों अभियुक्तों पर 25-25 हजार ईनाम घोषित करवाया गया। इसी क्रम में जयपुर ग्रामीण पुलिस में एसआई रामपाल के नेतृत्व में पीछा करके मनीष सारडीवाल को डिटेन करके थाना आरके पुरम पर लाकर पेश किया गया। जिसको प्रकरण में वांछित होने पर गिरफ्तार कर इन्वेस्टिगेशन किया जा रहा है।