राजस्थान के बाड़मेर जिले में एक शख्स ने अपनी 13 वर्षीय बेटी को सात लाख रुपये में बेच दिया। पुलिस ने सोमवार को हैदराबाद से नाबालिग को बरामद किया है। साथ ही पुलिस ने लड़की के पिता समेत उसका अपहरण करने के मामले में दो अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। बाड़मेर के पुलिस अधीक्षक शरद चौधरी ने बताया कि हमने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ लड़की को बरामद कर लिया है। पुलिस मंगलवार को उसे बाड़मेर ले आई और उसकी मां के सुपुर्द कर दिया है। 15 नवंबर को उच्च न्यायालय में पेशी होगी।
सिवाना थाने के एसएचओ दाउद खान ने कहा कि लड़की चार महीने की गर्भवती है। उन्होंने बताया कि 30 जून को एक व्यक्ति ने अपनी भतीजी के लापता होने पर अपहरण और जबरन वसूली का मामला दर्ज कराया था।
पुलिस के अनुसार, दर्ज शिकायत में चाचा ने कहा कि 22 जून को उसके भाई और लड़की पिता ने बताया था कि उसने अपनी बेटी की शादी एक प्रतिष्ठित परिवार में तय कर दी है। इसके बाद लड़की का पिता अपनी बेटी को दूल्हे के परिवार से मिलवाने की बात कहकर सिवाना ले गया था।
लेकिन जब वह वापस लौटा तो भतीजी उसके साथ नहीं थी। उसने सबको यही बताया कि वह बेटी को उसके मामा के घर छोड़ आया है। इसके बाद जब 26 जून को परिजनों ने लड़की को मामा के घर खोजा तो वह नहीं मिली।
इस पर लड़की के पिता ने सभी से कहा कि कुछ लोगों ने बेटी का अपहरण कर लिया है, इसके बाद परिवार ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई थी।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान एक बिचौलिए गोपा राम माली की पहचान की थी। साथ ही लड़की के पिता और एक अन्य आरोपी सांवला राम दासपा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।
हालांकि पुलिस लड़की को बरामद नहीं कर पाई थी। तब लड़की के चाचा ने राजस्थान उच्च न्यायालय में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की थी। जहां मामले की अगली सुनवाई 15 नवंबर को होनी है।