राजस्थान के झालावाड़ जिले की ग्रोथ सेंटर रेलवे पुलिया के पास गुरुवार देर रात पान मसाला व्यापारी से हुई लूट का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। बदमाशों ने व्यापारी की आंखों में मिर्ची झोंक कर 6.45 लाख रुपये की लूट की वारदात का अंजाम दिया था। पुलिस ने वारदात में शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार कर दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया है। आरोपियों के पास लूटी गई रकम भी बरामद कर ली गई है। लूट की इस घटना की साजिश व्यापारी के नौकर ने ही रची थी। वह अपने साथियों के साथ मिलकर पिछले छह महीने से लूट की योजना बना रहा था।
एसपी ऋचा तोमर ने बताया कि पुरानी धान मंडी झालरापाटन निवासी जयपाल सिंधी का ग्रोथ सेंटर क्षेत्र में पान मसाले और तंबाकू का कारोबार है। 2 मार्च की रात करीब 11:00 बजे जयपाल का भाई दिनेश कुमार अपने दो कर्मचारियों के साथ बाइक से कलेक्शन के 6.45 लाख रुपये लेकर घर जा रहा था। रेलवे पुलिया के पास अज्ञात बदमाश आंखों में मिर्च डालकर और लाठियों से मारपीट कर लूट की और फरार हो गए।
मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। 70 से अधिक पुलिसकर्मियों की टीम ने ग्राउंड वर्क कर आसूचना संकलित की। संदिग्ध व्यक्तियों से अलग-अलग पूछताछ में व्यापारी के एक कर्मचारी राजा राम उर्फ छोटू लोधा की हरकतें संदिग्ध लगी। सख्ती से पूछताछ के बाद उसने अपने छह अन्य साथियों के साथ मिलकर लूट करना स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी राजाराम उर्फ छोटू लोधा (22), दिनेश कुमार लोधा (19), नितेश लोधा (22) निवासी गोविंदपुरा को गिरफ्तार कर दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया। उनकी निशानदेही पर लूटी गई रकम भी बरामद की गई। घटना में शामिल अन्य दो आरोपी फरार हैं, उनकी तलाश की जा रही है।
पूछताछ में सामने आया कि लंबे समय से साथ काम कर रहे राजूराम उर्फ छोटू पर व्यापारी को अटूट विश्वास था। व्यापारी कलेक्शन के लाखों रुपये रोजाना रात को घर लेकर जाता था। रुपये के लालच में राजूराम ने अपने गांव के दोस्तों के साथ मिलकर लूट की योजना बनाई। वह पिछले 6 महीने से वारदात की फिराक में थे। रात को अंधेरा और सुनसान जगह के कारण उन्होंने रेलवे पुलिया के पास वारदात को अंजाम देना चुना।
लूट के बाद किसी को शक ना इससे बचने के लिए आरोपी आपस में बातचीत के लिए फोन कॉल नहीं करते। वे इंस्टाग्राम के जरिए एक दूसरे से बात करते थे। लूट की वारदात को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने एक विशेष हॉर्न को लूट का संकेत बनाया था।
घटना के वक्त राजूराम जैसे ही व्यापारी के साथ सुनसान पुलिया के पास पहुंचा तो उसने हॉर्न बजाकर अपने साथियों को सचेत कर दिया। साथियों ने व्यापारी के आंखों में मिर्च पाउडर फेंक कर रुपयों से भरा कट्टा छीनने का प्रयास किया। कट्टा नहीं छोड़ने पर लाठियों से वार कर कट्टा छीना और पटरी के रास्ते खेतों में होते हुए गांव चले गए।