बेटे से मिलने के लिए महिला ने की 2,700 किमी यात्रा (फाइल फोटो)
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50 साल की एक महिला ने कार से 2,700 किलोमीटर की यात्रा तय की ताकि वह अपने गंभीर रूप से बीमार बेटे से मिल सकें। उनका बीएसएफ जवान बेटा जोधपुर में भर्ती है। लॉकडाउन के कड़े नियमों के दौरान वह छह राज्यों से गुजरीं। यात्रा के दौरान महिला के साथ उनकी बहू और एक अन्य रिश्तेदार भी मौजूद रहे। उन्होंने तीन दिनों में अपनी यात्रा पूरी की है।
राजस्थान के जोधपुर में पीटीआई से बात करते हुए शीलम्मा वासन ने कहा कि उनके 29 साल के बेटे अरुण कुमार की स्थिति सुधर रही है। उनका बेटा मायोसिटिस, (मांसपेशियों की सूजन) से पीड़ित है। उन्होंने कहा, 'भगवान की कृपा से हम कहीं भी बिना किसी समस्या के यहां पहुंच गए हैं।'
परिवार को जोधपुर एम्स के एक मलयाली डॉक्टर ने अरुण कुमार की स्थिति के बारे में जानकारी दी थी। जिसके बाद उन्होंने केरल से राजस्थान पहुंचने के लिए तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गुजरात को पार करने का फैसला लिया।
केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन, मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के कार्यालय और कांग्रेस नेता, ओमान चांडी के हस्तक्षेप की वजह से परिवार को राज्यों में यात्रा करने के लिए आवश्यक पास मिल गया। विश्व हिंदू परिषद के संगठन हिंदू हेल्पलाइन के स्वयंसेवकों ने उन्हें जोधपुर ले जाने के लिए एक टैक्सी और दो टैक्सी चालकों की मुफ्त में व्यवस्था की।
कोट्टायम जिलाधिकारी पीके सुधीर बाबू द्वारा आवश्यक पास की व्यवस्था करने के बाद, शीलम्मा अपनी बहू पार्वती और एक रिश्तेदार के साथ कोट्टायम में कोरुथोडु पंचायत में पनकचीरा गांव से 11 अप्रैल को यात्रा शुरू की और वे 14 अप्रैल को जोधपुर पहुंच गए।