मामले की जानकारी लगने पर बैंक पहुंचे खाताधारक।
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राजस्थान के दौसा जिले के नांगल राजावतान स्थित यूको बैंक शाखा में खाताधारकों की जमा रकम के गबन का मामला सामने आया है। बीते चार पांच महीने से मशीन खराब बताकर पासबुकों में एंट्री नहीं की जा रही थी, जिसे खाताधारक बैंक प्रक्रिया का सामान्य हिस्सा समझ रहे थे।
लेकिन, शनिवार को एक महिला अपने खाते से रुपये निकालने बैंक पहुंची तो उसके होश उड़ गए। बैंक कर्मचारियों ने महिला से कहा कि आपके खाते में पैसे ही नहीं है, मामले की शिकायत महिला ने बैंक मैनेजर जगदीश मीणा से की, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ। जानकारी लगने पर दर्जनों खाताधारक बैंक पहुंचकर हंगाम करने जिसके बाद लाखों रुपये के गबन की बात सामने आई है। शखा का एक कैशियर अनिल शर्मा फरार चल रहा है। बैंक प्रशासन ने लोगों के खातों से पैसे निकालने के आरोप में उसे सस्पेंड कर दिया है।
शाखा प्रबंधक जगदीश नारायण मीणा ने लोगों के खातों की जांच की गई तो पता चला कि विड्रॉल के जरिए रुपये निकाले गए हैं। लोगों के खातों से एक बार नहीं, कई बार रुपये निकाले गए हैं। कुछ खातों से 50-50 हजार रुपए की मोटी रकम भी निकालने की बात सामने आई है। जांच में ये भी सामने आया है कि रुपये उन्हीं खाताधारकों के अकाउंट से निकाले गए हैं जिनका मोबाइल नंबर बैंक खाते से अटैच नहीं था। इनमें अधिकांश महिला खाताधारक शामिल हैं। ऐसे में रुपये निकासी का उनके पास मैसेज नहीं गया और उनके खातों से बार-बार रुपये निकाले जाते रहे।
एक दर्जन खाता धारकों के 20 लाख से ज्यादा रुपए निकाले
अब तक एक दर्जन से अधिक लोगों ने बैंक शाखा प्रबंधक से खातों से रुपये निकलने की शिकायत की है। शुरुआती जांच में लोगों के खातों से निकाली गई रकम का ये आंकड़ा 20 लाख से अधिक बताया जा रहा है, लेकिन जांच के बाद ये और ऊपर जा सकता है। प्रबंधक जगदीश नारायण मीणा ने बताया कि मामले की जानकारी बैंक के उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। बैंक स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। कैशियर अनिल शर्मा कुछ दिन से बिना सूचना दिए ड्यूटी पर नहीं आ रहा है। इस कारण से खातों से रुपये निकालने का आरोप उस पर लगा है, जिसके चलते उसे सस्पेंड भी कर दिया गया है।
पहले भी गबन कर चुका कैशियर
सूत्रों की मानें तो इससे पहले भी कैशियर अनिल शर्मा ने बड़ियाल कला बैंक में रहते हुए लाखों रुपए का गबन किया था। जिसके बाद उसे सस्पेंड भी कर दिया गया था। ऐसे में सवाल ये उठता है कि बैंक के उच्च प्रबंधन ने ऐसे व्यक्ति को फिर से रुपये जमा और निकासी की जिम्मेदारी क्यों सौंपी। हालांकि, अब तक इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया है।