बहरोड़ के पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को स्पोर्ट्स किट खरीद प्रकरण में गिरफ्तार किए जाने के बाद ईडी ने उन्हें बुधवार को जयपुर की विशेष अदालत में पेश किया। लंबी बहस के बाद अदालत ने ईडी की रिमांड की मांग को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए बलजीत यादव को 7 फरवरी तक तीन दिन की रिमांड पर सौंप दिया।
यह मामला विधायक निधि से सरकारी स्कूलों के लिए खेल सामग्री की खरीद में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। जांच का केंद्र वर्ष 2021 में अलवर जिले के 32 सरकारी स्कूलों में क्रिकेट किट, बैडमिंटन किट और अन्य खेल सामग्री की आपूर्ति है। आरोप है कि बाजार मूल्य से कई गुना अधिक दरों पर सामग्री खरीदी गई, जिससे सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।
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गिरफ्तारी के बाद अदालत ले जाते समय बलजीत यादव ने कहा- मैं कलयुग का अभिमन्यु हूं, सच के साथ बाहर निकलूंगा। कोर्ट परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने वर्तमान बहरोड़ विधायक डॉ. जसवंत यादव पर साजिश के तहत फंसाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि वे गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं और राजनीतिक द्वेष के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई करवाई गई है।
बलजीत यादव ने यह भी कहा कि विधायक की भूमिका केवल अनुशंसा तक सीमित होती है और खरीद प्रक्रिया में उनका प्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं होता। उन्होंने कानून पर भरोसा जताते हुए कहा कि अंततः सत्यमेव जयते होगा।
अदालत में याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता भानुप्रकाश शर्मा ने गिरफ्तारी की वैधता और ईडी द्वारा मांगी गई छह दिन की रिमांड पर सवाल उठाए। उन्होंने तर्क दिया कि बलजीत यादव समन मिलने पर पहले भी जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होते रहे हैं, इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी की गई।
वहीं ईडी की ओर से अधिवक्ता अपेक्षा तिवाड़ी ने अदालत को बताया कि वर्ष 2025 में आरोपी को तीन बार समन जारी किए गए थे लेकिन अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने तीन दिन की रिमांड को मंजूरी दी।
इससे पहले जनवरी 2025 में ईडी ने बलजीत यादव और उनके सहयोगियों से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर छापेमारी की थी, जहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
गौरतलब है कि बलजीत यादव वर्ष 2018 में बहरोड़ से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। अपने कार्यकाल के दौरान वे भ्रष्टाचार के खिलाफ मुखर रुख के लिए चर्चा में रहे। उन्होंने विधानसभा क्षेत्र में भ्रष्टाचार उजागर करने पर 51 हजार रुपये इनाम की घोषणा की थी। मार्च 2022 में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में जयपुर के सेंट्रल पार्क में काले वस्त्र पहनकर दिनभर दौड़ लगाकर विरोध दर्ज कराने से भी वे सुर्खियों में आए थे। फिलहाल ईडी रिमांड के दौरान बलजीत यादव से पूछताछ कर रही है। जांच पूरी होने के बाद उन्हें 7 फरवरी को दोबारा अदालत में पेश किया जाएगा।