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Rajasthan News: ऑपरेशन म्यूल हंटर में बड़ी कार्रवाई, 83 लाख की साइबर ठगी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार

Tue, 26 May 2026 04:54 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़

सार

कोटपूतली-बहरोड़ जिले में चलाए जा रहे “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत नीमराना थाना पुलिस ने 83.05 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश ठगी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप और नकली इन्वेस्टमेंट ऐप के जरिए भारी मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से लाखों रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवाए थे।
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मामले की जानकारी देते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कोटपूतली-बहरोड़ जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत नीमराना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 83.05 लाख रुपये की ऑनलाइन निवेश ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी इन्वेस्टमेंट स्कीम और भारी मुनाफे का लालच देकर एक व्यक्ति से लाखों रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवाए थे।
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पुलिस अधीक्षक कोटपूतली-बहरोड़ सतवीर सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीमराना सुरेश कुमार खींची तथा पुलिस उपाधीक्षक नीमराना चारुल गुप्ता के सुपरविजन में थाना प्रभारी राजेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी और बैंकिंग अनुसंधान के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई।

व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए फंसाया जाल में

पुलिस के अनुसार, परिवादी को 10 नवंबर 2024 को “R10 Geogit Group Of Companies Nugget Club” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया था। इस ग्रुप में करीब 150 सदस्य मौजूद थे। यहां स्वयं को शेयर मार्केट विशेषज्ञ बताने वाले लोगों ने अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाना शुरू किया। आरोपियों ने प्रोफेसर सीजे जॉर्ज और उसकी कथित असिस्टेंट अनीता रिबेरा के नाम से संपर्क किया और एक लिंक भेजकर “Geo Bloc App” डाउनलोड करवाया।
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फर्जी IPO में 400 प्रतिशत मुनाफे का दिया झांसा

इसके बाद प्रतिदिन दोपहर में शेयर खरीदने की टिप्स दी जाती थीं और अगले दिन मुनाफे के साथ बेचने का दावा किया जाता था। कुछ समय बाद फर्जी आईपीओ में 400 प्रतिशत तक लाभ मिलने का झांसा देकर पीड़ित से बड़ी रकम निवेश करवाई गई। निवेश के बाद जब पीड़ित को राशि वापस नहीं मिली, तब उसके साथ हुई ठगी का खुलासा हुआ। मामले में थाना नीमराना पर प्रकरण संख्या 123/25 के तहत धारा 316(2), 318(4), 61(2) बीएनएस तथा 66C और 66D आईटी एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

तकनीकी जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

जांच के दौरान पुलिस टीम ने मोबाइल नंबर, बैंक खाते, यूपीआई ट्रांजेक्शन और डिजिटल एविडेंस का गहन विश्लेषण किया। मनी ट्रेल के आधार पर प्रथम लेयर के खाताधारकों की पहचान करते हुए पुलिस ने हरियाणा निवासी योगेश कुमार और भिवाड़ी निवासी दान सिंह गुर्जर उर्फ रवि को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपी योगेश कुमार रेवाड़ी का रहने वाला है, जबकि दूसरा आरोपी दान सिंह गुर्जर उर्फ रवि भिवाड़ी क्षेत्र का निवासी है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी की राशि विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर नकदी निकासी करना स्वीकार किया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और मुख्य सरगना की तलाश में जुटी हुई है।

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पहले भी हो चुकी है एक गिरफ्तारी

इससे पहले भी इसी मामले में उदयपुर निवासी गौरव नामक आरोपी को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस कार्रवाई में एएसआई जोगेंद्र सिंह, साइबर सेल प्रभारी हेड कांस्टेबल संदीप, कांस्टेबल नागेश, योगेश कुमार और पवन कुमार की विशेष भूमिका रही। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी अनजान व्हाट्सएप ग्रुप, ऐप या ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर भरोसा न करें। अधिक मुनाफे के लालच में निवेश करने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की जांच अवश्य करें। किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाएं।

 

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