कोटपूतली-बहरोड़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र नीमराना स्थित निडेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बाहर शनिवार को कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स का बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। सुबह करीब 6 बजे से 200 से 250 श्रमिक कंपनी गेट पर एकत्र हुए और अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। दिनभर चले इस विरोध प्रदर्शन के दौरान श्रमिकों में नाराजगी साफ दिखाई दी।
क्या थीं श्रमिकों की मुख्य मांगें
प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने कुल 13 मांगें रखीं। इनमें प्रमुख रूप से वेतन बढ़ोतरी, साप्ताहिक अवकाश, बेहतर चिकित्सा सुविधा, कार्यस्थल पर सुरक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग शामिल थी। श्रमिकों का कहना था कि लंबे समय से उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा था, जिसके चलते उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा।
प्रदर्शन के दौरान तनावपूर्ण स्थिति
धरने के दौरान कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर सवार कुछ लोगों पर श्रमिकों को चोट पहुंचाने के आरोप लगे। वहीं पत्थरबाजी की सूचना भी सामने आई, जिसमें कंपनी गेट के कांच टूटने की बात कही गई। हालांकि, श्रमिकों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए अपने प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बताया।
प्रशासन और पुलिस ने संभाली स्थिति
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन ने श्रमिकों और कंपनी प्रबंधन के बीच संवाद स्थापित कर माहौल को शांत करने का प्रयास किया।
11 सदस्यीय कमेटी ने संभाली वार्ता की जिम्मेदारी
श्रमिकों ने अपनी मांगों को प्रभावी ढंग से रखने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी का गठन किया। इस कमेटी ने कंपनी प्रबंधन और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की, जिसके बाद समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई।
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12 मांगें स्वीकार, वेतन बढ़ोतरी पर निर्णय शेष
नीमराना के एसडीएम महेंद्र यादव के अनुसार, श्रमिकों की 13 में से 12 मांगों को स्वीकार कर लिया गया है। हालांकि, वेतन बढ़ोतरी के मुद्दे पर कंपनी प्रबंधन ने निर्णय लेने के लिए 7 दिनों का समय मांगा है। कंपनी के एचआर प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया है कि इस विषय पर राज्य सरकार के नियमों के अनुसार अंतिम निर्णय लिया जाएगा और सहमति बिंदुओं का लिखित प्रस्ताव प्रशासन को सौंपा जाएगा।
अब अंतिम फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल स्थिति सामान्य बनी हुई है, लेकिन श्रमिक धरना स्थल पर डटे हुए हैं। वेतन बढ़ोतरी को लेकर आने वाले 7 दिनों में होने वाले अंतिम निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं। यह फैसला न केवल श्रमिकों बल्कि पूरे औद्योगिक क्षेत्र के लिए अहम माना जा रहा है।