कोटपूतली जिले के नारायणपुर थाना क्षेत्र के गांव खरकड़ी में बुधवार सुबह मानव–वन्यजीव संघर्ष का एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। बकरियों के लिए चारा लेने गए एक पशुपालक पर अचानक लेपर्ड ने हमला कर दिया। आत्मरक्षा में हुए संघर्ष के दौरान लेपर्ड की मौत हो गई, जबकि पशुपालक गंभीर रूप से घायल हो गए।
लेपर्ड ने पीछे से किया हमला
घटना गांव खरकड़ी निवासी श्रवण गुर्जर सुबह लगभग 7 बजे श्रवण अपने घर से करीब 500 मीटर दूर स्थित खेत में बकरियों के लिए चारा लेने गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब श्रवण पेड़ की टहनी काट रहे थे, तभी झाड़ियों में छिपा लेपर्ड शावक अचानक उन पर हमला कर दिया। हमला इतना अचानक और आक्रामक था कि श्रवण को संभलने का मौका नहीं मिला।
लेपर्ड के हमले में गंभीर रूप से घायल
लेपर्ड ने उन्हें घसीटते हुए जमीन पर गिराया और पंजों व दांतों से कई बार हमला किया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भयावह स्थिति में श्रवण ने हिम्मत और सूझबूझ का परिचय देते हुए पास रखी कुल्हाड़ी से लेपर्ड के सिर पर जोरदार वार किया। इस आत्मरक्षात्मक प्रयास के चलते लेपर्ड मौके पर ही मर गया।
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चिंताजनक बनी हुई है हालत
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और घायल श्रवण को खरकड़ी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले जाया गया। गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए अलवर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार श्रवण के शरीर पर कई गहरे घाव हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। वन विभाग के फोरेस्टर मनोज नागा ने बताया कि सूचना मिलने पर विभाग की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। मृत लेपर्ड को नियमानुसार वन विभाग कार्यालय लाया गया और मामले की जांच की जा रही है।