घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया पटवारी
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कोटपूतली-बहरोड़ जिले के पावटा तहसील क्षेत्र में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक अहम कदम उठाते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) भिवाड़ी ने पटवार हल्का भैसलाना के पटवारी प्रमोद सामरिया को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी को पहली ही किस्त लेते समय ट्रैप के जरिए दबोच लिया गया। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और राजस्व विभाग में भी हलचल तेज हो गई है।
शिकायत और लंबित मामला बना आधार
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, परिवादी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके पिता की पैतृक जमीन के बंटवारे का मामला पिछले 5-6 वर्षों से एसडीएम कोर्ट में लंबित था। 20 जून 2025 को कोर्ट ने फैसला परिवादी के पक्ष में सुनाते हुए पटवारी को बंटवारे की रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद आरोपी ने जानबूझकर रिपोर्ट लंबित रखी और इसके एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत की मांग शुरू कर दी।
सौदेबाजी और ट्रैप की रणनीति
शिकायत के सत्यापन के दौरान सामने आया कि आरोपी पटवारी ने बाद में रिश्वत की राशि 80 हजार रुपये में तय कर ली थी। यह रकम तीन किस्तों में देने पर सहमति बनी, जिसमें पहली किस्त 40 हजार रुपये निर्धारित हुई। एसीबी ने पूरी योजना के तहत जाल बिछाया और जैसे ही आरोपी ने परिवादी से रिश्वत की रकम ली, टीम ने मौके पर ही उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
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गोपनीय ऑपरेशन और नेतृत्व
यह पूरी कार्रवाई उप महानिरीक्षक पुलिस भुवन भूषण यादव के सुपरवीजन में और भिवाड़ी एसीबी के डीएसपी परमेश्वर लाल के नेतृत्व में अंजाम दी गई। ऑपरेशन को बेहद गोपनीय तरीके से संचालित किया गया, जिससे आरोपी को किसी प्रकार की भनक नहीं लग सकी।
जांच और आगे की कार्रवाई
फिलहाल आरोपी पटवारी से गहन पूछताछ की जा रही है। उसके अन्य लेन-देन और संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक स्मिता श्रीवास्तव और महानिरीक्षक एस. परिमला के निर्देशन में मामले की जांच आगे बढ़ रही है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।