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जश्न के शोर के बीच खुली पोल: फर्जी IAS बनकर छाया ‘निशांत’, अब QR कोड से पता चला सच; इन सबको दे रहा था चकमा

Wed, 18 Mar 2026 12:56 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़

सार

राजस्थान के बानसूर में एक युवक ने खुद को यूपीएससी में चयनित बताकर गांव और जनप्रतिनिधियों को गुमराह कर दिया। जांच में उसका दावा फर्जी निकला, जिसमें उसने एडमिट कार्ड से छेड़छाड़ कर दूसरे अभ्यर्थी की रैंक अपना बताई।
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नकली आईएएस बनकर किया गुमराह, पूर्व मंत्री शकुंतला रावत ने भी दी बधाई। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के कोटपूतली बहरोड़ जिला के बानसूर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक युवक ने खुद को यूपीएससी में चयनित बताकर गांव ही नहीं, बल्कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन तक को गुमराह कर दिया। नांगल भाव सिंह गांव निवासी निशांत कुमार ने दावा किया था कि उसने सिविल सेवा परीक्षा में 899वीं रैंक हासिल की है, लेकिन जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी निकला।
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6 मार्च को जैसे ही रिजल्ट की चर्चा फैली, निशांत के घर जश्न का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने उसे कंधों पर बैठाकर जुलूस निकाला और ढोल-नगाड़ों के साथ पूरे गांव में घुमाया। मामला यहीं नहीं रुका। पूर्व कैबिनेट मंत्री शकुन्तला रावत सहित कई जनप्रतिनिधि भी उसे बधाई देने पहुंच गए। मंच सजा, माइक थमाया गया और निशांत ने अपनी कथित सफलता की कहानी सुनाकर सभी को प्रभावित कर दिया।

जांच में सामने आया कि निशांत ने एडमिट कार्ड में छेड़छाड़ कर खुद को असली उम्मीदवार साबित करने की कोशिश की। उसने समान नाम का फायदा उठाते हुए आगरा (उत्तर प्रदेश) के एक वास्तविक उम्मीदवार की 899वीं रैंक को अपना बताया। लेकिन उसकी चालाकी ज्यादा देर तक नहीं चल सकी।
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जानें कैसे खुली पोल?
मामले का खुलासा तब हुआ जब किसी ने एडमिट कार्ड पर मौजूद QR कोड स्कैन किया। स्कैन करते ही सामने आई जानकारी निशांत के दावों से पूरी तरह अलग थी। इसके बाद पूरे मामले की सच्चाई उजागर हो गई। जांच में यह भी सामने आया कि निशांत ने केवल प्रारंभिक परीक्षा दी थी और मुख्य परीक्षा में सफल नहीं हो पाया था। UPSC की आधिकारिक चयन सूची में उसका नाम कहीं नहीं मिला।

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युवक पर कानूनी शिकंजे का डर
अब इस फर्जीवाड़े के सामने आने के बाद प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। दस्तावेजों में छेड़छाड़ और धोखाधड़ी के इस मामले में युवक पर कानूनी शिकंजा कस सकता है। वहीं, इस घटना ने सिस्टम की जांच प्रक्रिया और सत्यापन तंत्र पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

नकली आईएएस बनकर किया गुमराह, पूर्व केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने भी दी बधाई।

 

नकली आईएएस बनकर किया गुमराह, पूर्व केबिनेट मंत्री शकुंतला रावत ने भी दी बधाई।

 

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