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Kotputli-Behror: बानसूर मंडी में गेहूं की खरीद रुकी, किसानों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा, आंदोलन की चेतावनी

Fri, 29 May 2026 04:38 PM IST
कोटपुतली ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटपूतली-बहरोड़

सार

बानसूर कृषि उपज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद ठप होने से किसानों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया। पंजीकरण के बावजूद खरीद नहीं होने, बढ़ते खर्च और फसल खराब होने की आशंका से परेशान किसानों ने मंडी गेट पर धरना देकर सरकार से तत्काल खरीद शुरू करने और अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की।
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बानसूर मंडी गेट पर किसानों का धरना - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बानसूर कृषि उपज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद बंद होने से किसानों में भारी नाराजगी है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में किसान अनाज मंडी गेट पर एकत्रित हुए और धरना-प्रदर्शन कर सरकार तथा संबंधित विभाग के खिलाफ विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि अप्रैल माह में गेहूं की सरकारी खरीद के लिए पंजीकरण कराने के बावजूद उनकी उपज की खरीद नहीं की जा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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धरने पर बैठे किसानों ने बताया कि उन्होंने सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर पंजीकरण कराया था और खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने की पूरी तैयारी कर ली थी। इसके बावजूद कई दिनों से उन्हें यह कहकर वापस लौटाया जा रहा है कि खरीद के लिए बारदाना उपलब्ध नहीं है और फिलहाल खरीद प्रक्रिया बंद है। किसानों का कहना है कि वे ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में गेहूं भरकर लगातार मंडी पहुंच रहे हैं, लेकिन खरीद नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है।

किसानों ने बताया कि मंडी के लगातार चक्कर लगाने से डीजल, मजदूरी और परिवहन पर अतिरिक्त खर्च बढ़ रहा है। वहीं खुले में रखा गेहूं मौसम की मार झेल रहा है, जिससे फसल खराब होने का खतरा भी बना हुआ है। किसानों का कहना है कि यदि जल्द खरीद शुरू नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
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प्रदर्शनकारी किसानों ने मांग की कि जिन किसानों का पंजीकरण पहले से हो चुका है, उनकी गेहूं की खरीद तत्काल शुरू की जाए। साथ ही खरीद की अंतिम तिथि भी बढ़ाई जाए, ताकि कोई भी पंजीकृत किसान अपनी उपज बेचने से वंचित न रहे। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

धरना-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मंडी गेट पर बैठकर नारेबाजी की और प्रशासन से हस्तक्षेप कर समस्या का समाधान कराने की मांग की। किसानों का कहना है कि सरकारी खरीद बंद होने से क्षेत्र के सैकड़ों किसान प्रभावित हो रहे हैं।
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वहीं मंडी अधिकारियों का कहना है कि गेहूं खरीद के लिए 31 मई तक का समय निर्धारित है फिलहाल सरकार की ओर से खरीद कार्य नहीं किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि किसानों की समस्याओं और मांगों से उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है तथा आगे प्राप्त होने वाले निर्देशों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उधर किसान अपनी मांगों को लेकर मंडी गेट पर धरने पर डटे हुए हैं और खरीद शुरू होने तक आंदोलन जारी रखने की बात कह रहे हैं।

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