अलग अलग कारण के चलते दो लोगों को किया सुसाइड
राजस्थान के कोटा जिले में मानसिक तनाव (डिप्रेशन) के कारण एक नर्सिंगकर्मी और एक महिला ने फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों शवों को मोर्चरी में रखवाया। परिजनों की मौजूदगी में पोस्टमार्टम कराए जाने के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिए गए। ये घटनाएँ शहर के बोरखेड़ा और आर के पुरम थाना क्षेत्रों में सामने आई हैं। पुलिस दोनों मामलों की जांच में जुटी हुई है।
पहली घटना
बोरखेड़ा थाना क्षेत्र में नर्सिंगकर्मी अभिषेक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह जेकेलोन अस्पताल में कार्यरत था और मूल रूप से बारां जिले के कोटड़ी का रहने वाला था। मृतक पिछले चार महीने से बोरखेड़ा के बालाजी आवास कॉलोनी में किराए से रह रहा था। जानकारी के अनुसार, अभिषेक कुछ दिन पहले पत्नी और बेटी के साथ गांव गया था, लेकिन सोमवार को अकेला लौट आया। सुबह पिता द्वारा फोन करने पर जब उसने कॉल नहीं उठाई, तो पड़ोसियों की मदद से पता चला कि उसने फांसी लगाई है। मृतक के चचेरे भाई धर्मेंद्र ने पुलिस में रिपोर्ट दी है।
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महिला ने दी जान
आर के पुरम थाना क्षेत्र में 50 वर्षीय महिला सीमा नायक ने मानसिक तनाव के कारण अपने कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। महिला रोजड़ी इलाके की रहने वाली थी और लकवे से पीड़ित थी। एएसआई बृजराज सिंह ने बताया कि महिला के पति श्यामलाल ड्राइवर हैं। बड़ी बेटी ने डेढ़ साल पहले लव मैरिज की थी, जिसके बाद महिला तनाव में रहने लगी और अक्सर घर में ही रहती थी। इसी कारण उसके शरीर के एक हिस्से में लकवा भी आ गया। महिला ने सुबह अपने कमरे में फांसी लगाई। परिजनों का कहना है कि महिला अक्सर कहती थी, “बेटी ने मुंह दिखाने लायक भी नहीं छोड़ा।” महिला के बेटे की सगाई हो चुकी थी और अप्रैल में उसकी शादी होने वाली थी। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।