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Kota: नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले आरोपी को हुई 20 साल कठोर कारावास की सजा, मां की शिकायत पर हुआ था केस दर्ज

Fri, 27 Jun 2025 10:30 PM IST
कोटा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा

सार

Kota: दो युवक बाइक पर आए और बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और नाबालिग को दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
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अलग अलग मामलों में कोर्ट ने सुनाई आरोपियों को सजा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान के कोटा जिले में नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के करीब 3 साल पुराने मामले में शुक्रवार को पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है आरोपी ने 6 दिन तक नाबालिग को जयपुर में रखा था और उसके साथ दुष्कर्म किया था।
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विशिष्ट लोक अभियोजक महेश भंडारी ने बताया कि साल 2022 के अगस्त माह में पीड़िता की मां ने महावीर नगर थाना में एक शिकायत थी। जिसमें बताया था की 29 अगस्त की सुबह वह काम पर चली गई थी। इस दौरान उसकी 12 साल की बेटी और 9 साल का बेटा घर में मौजूद था। जो की किसी काम से ऑटो से एरोड्रम की तरफ गए थे। वहां पर दो युवक बाइक पर आए और बेटी को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गए। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और नाबालिग को दस्तयाब कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था। इस मामले में कोर्ट में 18 गवाहों के साथ 30 दस्तावेज पेश किए गए। जिस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी को सजा से दंडित कर दिया है।

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बिना बिल के इंजेक्शन बेचने पर हुई सजा
वहीं दूसरी तरफ जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बिना बिल में लाइसेंस के ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बचने के करीब 9 साल पुराने मामले में एक आरोपी को सजा सुना दी है। कोर्ट ने आरोपी रेवाचंद मेसर्स छाबड़िया सुगंध स्टोर कैनाल रोड गुमानपुरा को 3 साल साधारण कारावास की सजा के साथ एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है।
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अधिवक्ता मनोज पुरी ने बताया कि ड्रग विभाग की टीम ने जब स्टोर पर जाकर छापा मारा तो वहां पर निरीक्षण के दौरान दुकान से 46 सफेद रंग की प्लास्टिक बोतल इंजेक्शन 200 एमएल, 24 प्लास्टिक बोतल इंजेक्शन 100 एमएल मिले। पूछताछ में दुकान मालिक रेवाचंद ने ऑक्सीटोसिन होना बताया। जिन पर लेबल भी नहीं था। जिसकी बिना खरीद के निर्माण संग्रह व बिक्री की जा रही थी। वही टीम ने सभी इंजेक्शन को जप्त कर जांच शुरू कर दी थी।
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