कोटा के तकनीकी विश्वविद्यालय में गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने का मामला सामने आया है। कोटा तकनीकी विश्वविद्यालय (आरटीयू) में एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार की ओर से छात्रा को पास करने की एवज में उसकी अस्मत मांगने का घिनौना मामला सामने आया है। आरोपी प्रोफेसर ने आरटीयू के ही एक छात्र को माध्यम बनाकर कई लड़कियों को मोहरा बनाया हुआ है। इसी छात्र के माध्यम से ही छात्राओं पर शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया जाता है।
छात्रा की शिकायत पर दादाबाड़ी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि एक छात्र अर्पित के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है, जो कि बिचौलिए का काम करता है।
ये है मामला...
दरअसल, मामला यह है कि आरटीयू में एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार आरटीयू की कई छात्राओं पर अपनी गंदी नजर रखता था और वो अपनी हवस बुझाने के लिए किसी भी हद तक जाने के तैयार था और उसने किया भी ऐसा ही। एक छात्रा को इंजीनियरिंग में फेल कर दिया। एक अन्य छात्र अर्पित ने छात्रा को बातों के झांसे में लिया और पास करवाने की गारंटी दी। लेकिन उसने प्रोफेसर गिरीश परमार से शारीरिक संबंध बनाने के लिए कहा।
चूंकि, छात्रा पहले ही फेल होने के कारण मानसिक तनाव खेल रही थी, ऊपर से इस तरह का दबाव। बकौल छात्रा डिप्रेशन में चली गई। काफी कोशिशों के बाद भी उबर नहीं पा रही थी। उसने आत्महत्या करने का मन बना लिया था, लेकिन जब उसने उसके सहपाठियों से बात की तो उन्होंने छात्रा को हिम्मत दिलाई। तब उसने घर वालों से बात की। घर वालों की सहमति से छात्रा दादाबाड़ी थाना पहुंची और मुकदमा दर्ज करवाया।
बताया जा रहा है कि बिचौलिए की भूमिका निभाने वाला छात्र अर्पित कॉलेज में रिप्रजेंटेटिव है और कैंपस के अधिकतर काम देखता है। कोविड-19 के दरमियान भी ऑनलाइन का समस्त काम उसने ही संभाला था। इस कारण से वो लगभग सभी के संपर्क में था और सभी के लिए भरोसेमंद होने के कारण ही आरोपी प्रोफेसर परमार ने उसे मोहरा बनाया।
छात्रा के अनुसार, प्रोफेसर ने कई छात्राओं को अपने इस घिनौने षड्यंत्र के लिए चुना हुआ है और सभी को इसी तरह से प्रताड़ित कर दबाव बनाता है। छात्रा ने बताया कि अर्पित ने जब मुझे इस काम के लिए प्रोफेसर से मिलने के लिए कहा तो मैंने मना कर दिया। तब मुझे कहा गया कि पूरी जिंदगी ही पास नहीं हो पाएगी।
तमाम घटनाक्रम से छात्रा पूरी तरह से टूट गई। सहपाठियों और घर वालों के सहयोग से पुलिस के पास पहुंची और एसोसिएट प्रोफेसर गिरीश परमार और छात्र अर्पित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया। अब मामला पुलिस के पास है, जिसमें जांच शुरू कर दी गई है। दादाबाड़ी थाना पुलिस इस कलयुगी गुरु को इसके अंजाम तक पहुंचाने में कितना वक्त लगती है और प्रोफेसर द्वारा प्रताड़ित छात्राओं को इसके चंगुल से मुक्त करवा पाती है या नहीं ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा।