लोकसभा स्पीकर के पीआरओ जीवनधर और ओम बिरला
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कोटा के किशोरपुरा थाना इलाके में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के कैंप ऑफिस के नजदीक बुधवार रात उनके पीए और पीआरओ के साथ मारपीट की घटना हुई। मारपीट के बाद दोनों सहायकों पीआरओ जीवनधर जैन और पीए राघवेंद्र सिंह को दादाबाड़ी प्रताप नगर स्थित भारत विकास हॉस्पिटल ले जाया गया। मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए देर रात ही चार से पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
कोटा में डीएसपी अमर सिंह राठौड़ के मुताबिक, बुधवार देर रात करीब एक बजे के आसपास जीवनधर जैन और राघवेंद्र सिंह स्पीकर ओम बिरला के शक्ति नगर कैंप कार्यालय से 50 मीटर दूर खड़े होकर बात कर रहे थे। तभी एक बाइक अनियंत्रित होकर उनके वाहन से टकरा गई। इससे वहां मौजूद जीवनधर जैन और राघवेंद्र के साथ ही बाइक सवार लोगों को भी चोट लगी। इस बात पर दोनों पक्षों के बीच में कहासुनी और गाली-गलौज हो गई। घटना के बाद बाइक सवार ने कुछ अन्य लोगों को भी बुला लिया, जिन्होंने उनसे मारपीट शुरू कर दी। साथ ही उन्होंने जीवनधर जैन और राघवेंद्र का मोबाइल भी छीन लिया और फरार हो गए।
लोकसभा स्पीकर के दोनों स्टाफ को तुरंत अस्पताल ले जाया गया...
घटना की सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक बाइक सवार और उनके साथी आरोपी फरार हो चुके थे। इसके बाद घायल पीआरओ जीवनधर जैन और पीए राघवेंद्र सिंह को भारत विकास हॉस्पिटल ले जाया गया।
एसपी ने किया थाने पर कैंप, 4-5 युवकों को पकड़ा...
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के स्टाफ से जुड़ा मामला होने के चलते पुलिस तुरंत अलर्ट हो गई। देर रात कोटा शहर एसपी शरद चौधरी भी थाने पर पहुंचे और कैंप करते हुए मोर्चा संभाला लिया। खुद मॉनिटरिंग कर टीमों को आरोपियों की रातों रात धरपकड़ के निर्देश दिए। ज़िले के अन्य पुलिस अधिकारी भी किशोरपुरा थाने पहुंच गए। कई थानाधिकारियों को बुलाया गया। पुलिस की अलग अलग टीमों ने देर रात ही कार्रवाई करते हुए करीब 4 से 5 लोगों को डिटेन कर लिया, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
मामले में बाइक आमिर घोसी नाम के युवक की बताई गई। हालांकि, वह घटना के समय मौके पर मौजूद नहीं था। लेकिन पुलिस ने उसे भी हिरासत में ले लिया है और उसने बाइक किसे दी और क्यों दी थी। इसकी पूछताछ की जा रही है। साथ ही आरोपियों से पुलिस ने मोबाइल भी बरामद किए हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है कि यह नशे में हुई दुर्घटना के बाद मारपीट की घटना थी या फिर जानबूझकर वारदात करने के दिए घटना को अंजाम दिया गया।