कोटा के टिपटा में स्थित राव माधो सिंह म्यूजियम में चोरी हो गई। चोरी की एफआईआर के मुताबिक, म्यूजियम से सोने और चांदी के 30 आइटम्स चोरी किए गए हैं। राव माधो सिंह म्यूजियम ट्रस्ट के द्वारा करवाई एफआईआर के अनुसार जानकारी मिली है। पूरा गढ़ पैलेस सीसीटीवी सर्विसलांस पर होने के बावजूद चोर चोरी करने में कामयाब हो गए। राज परिवार और राव माधो सिंह म्यूजियम ट्रस्ट से जुड़े लोग चोरी के मुद्दे पर किसी से कोई बात नहीं करना चाहते। साथ ही कैथूनीपोल थाना पुलिस भी इस मसले पर मीडिया से बात करने से कतराती नजर आ रही है।
कोटा राज घराने राव माधो सिंह म्यूजियम से दुर्लभ और बहुमूल्य आइटम्स का चोरी हो जाना भी अपने आप में एक रहस्यमयी घटना है। गढ़ पैलेस में हमेशा सुरक्षा प्रहरी तैनात रहने के बाद पूरा गढ़ परिसर सीसीटीवी कैमरों की नजर में होने के बाद भी कड़ी सुरक्षा के बीच से दुर्लभ चीजों का चोरी हो जाना म्यूजियम प्रबंधन पर कई सवाल खड़े करता है और घटना के बाद इस मुद्दे पर राज परिवार और राव माधो सिंह म्यूजियम ट्रस्ट का किसी से बात नही करना भी संदेह पैदा करता है। और तो और पुलिस का इस मामले में चुप्पी साध लेना भी किसी षड्यंत्र की ओर इशारा करती है। हालांकि पूरे मामले में एफआईआर होने के बाद पता लगा की महज एक घंटे में चोर 34 एंटीक आइटम्स चोरी कर ले गए।
बता दें कि राव माधो सिंह म्यूजियम पूरी तरह से सीसीटीवी सर्विसलांस पर है। म्यूजियम में चोरी करते हुए दो चोर भी नजर आ रहे हैं। म्यूजियम के क्यूरेटर पंडित आशुतोष दाधीच ने एफआईआर दर्ज करवाई। उन्होंने बताया कि 26 फरवरी की देर रात 12:25 पर दो चोर म्यूजियम की दीवार कूद कर अंदर प्रवेश कर रहे हैं। इसके बाद एक चोर म्यूजियम के अंदर चोरी कर रहा था और दूसरा बाहर खड़ा होकर पहरेदारी कर रहा था। कुछ ही देर में चोर शोकेस से एंटीक आइटम्स को चोरी कर बैग में भरकर फरार हो गए। इनके जाने का समय सीसीटीवी में 1:26 का कैद हुआ। ऐसे में दो चोर ने ही एक घंटे में ही पूरी चोरी को अंजाम दिया। इस दौरान दो सिक्योरिटी गार्ड भी ड्यूटी पर तैनात थे लेकिन उनके सो जाने की बात सामने आ रही है।
कई साल पुराने आइटम्स...
म्यूजियम में करीब 400 से 500 साल पुराने एंटीक आइटम्स रखे हुए हैं। चोरी गए समान करीब 200 साल पुराने बताए जा रहे हैं, जिनमें शोकेस नंबर 6 में प्रदर्शित चांदी की एक अलमारी, चार गाय बछड़े सहित, एक हंस, एक रामझारा, तीन हाथी लड़ते हुए प्लेट पर, एक मोर, दो सांप, तीन बारहसिंगा, एक श्वान, एक गडुआ, एक घूघरा, एक केतली ढक्कन, चार मछली और दो घोड़े प्लेट पर शामिल हैं। इसी तरह से शोकेस नंबर 18 में प्रदर्शित चांदी की गोल्ड प्लेटेड पालकियों के पांच कलात्मक मुख की चोरी हुई है। इनका आकार डेढ़ से दो फीट लंबा और चार से पांच इंच चौड़ा है। इनमें दो कमल मुखी, दो सिंहमुखी और दो गजमुखी है।
पूरे मामले में संभावना जताई जा रही है कि जिस तरह से चोरों ने सीधे आकर ही चांदी के एंटीक आइटम्स पर हाथ साफ किया है। इसके अनुसार कहा जा सकता है कि चोरों ने पहले पूरी तरह से म्यूजियम में रेकी की है। उन्होंने म्यूजियम के दूसरे हिस्सों के ताले नहीं तोड़े, केवल जिस हिस्से में चांदी के एंटीक आइटम्स रखे हुए थे। वहीं के ताले तोड़ चोरी की है। उन्हीं शोकेस के ताले तोड़ गए और उन्हीं में से आइटम्स चोरी किए गए। घटना को देखकर लगता है कि पहले चोरी ने टिकट खरीद कर म्यूजियम को अच्छे से देखा और इसकी रेकी की। उसके बाद उन्होंने आने-जाने के रास्तों का भली-भांति निरीक्षण किया और कहां से उन्हें कीमती आइटम्स मिलेंगे यह सब देखकर पूर्व में प्लान बनाकर ही चोरी की घटना को बखूबी अंजाम दिया है।