बीते दिनों हाड़ौती क्षेत्र में हुई बेमौसम बारिश ने अन्नदाताओं को रुला दिया। हाड़ौती के कोटा, सांगोद, मंडाना और रामगंजमंडी में तेज बारिश के चलते मंडी में रखी किसानों की जींस बारिश की भेंट चढ़ गई। रामगंजमंडी में राजस्थान की सबसे बड़ी धनिए की मंडी है, जिसके चलते हाड़ौती में सर्वाधिक धनिए की आवक इसी मंडी में आती है।
रामगंजमंडी में हुई बारिश से मंडी परिसर में रखी किसानों के धनिए की फसल बारिश की भेंट चढ़ गई। एक किसान का शेड में रखा करीब 15 क्विंटल धनिया नाले में बह गया। किसान के लाख जतन के बावजूद भी वह अपनी फसल को बचा नहीं पाया। तेज बारिश से क्षेत्र में फसलों को काफी नुकसान हुआ है, जिसके चलते धनिए की चमक और उसका रंग उड़ गया है।
पहले मंडी में धनिए का भाव 5,800 रुपये प्रति क्विंटल बोला जा रहा था, जो बारिश के बाद 1,300 रुपये क्विंटल टूटकर 4,500 रुपए क्विंटल पर आ गया। बड़े जतन से फसल तैयार कर कई सपने संजोकर अपनी पकी फसल को बेचने के लिए मंडी पहुंचे किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया। बारिश के दौरान कई जगहों पर चने के आकार के ओले भी गिरे हैं।
पकी फसल को बेचने के अंतिम पायदान पर खड़े किसानों के मुंह से बारिश ने निवाला छीन लिया। अब लाचार बेबस किसानों को सिर्फ सरकार का ही आसरा है। अब अगर सरकार किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए कोई राहत पैकेज जारी कर देती है तो ठीक है। वरना असहाय किसानों के पास जहर खाने के सिवा अब बचा ही क्या है।