पेपर लीक को लेकर टेलीग्राम पर संभावित प्रतिबंध की चर्चाओं के बीच विपक्ष ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। विपक्ष का कहना है कि लाखों छात्र पढ़ाई के लिए इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं और पेपर लीक रोकने के लिए माफिया पर कार्रवाई होनी चाहिए, छात्रों पर नहीं।
पेपर लीक की घटनाओं को लेकर देशभर में चल रही बहस के बीच टेलीग्राम पर अस्थाई प्रतिबंध की चर्चाओं ने नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। इस मुद्दे पर लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पेपर लीक की जड़ तक पहुंचने के बजाय छात्रों को ही परेशान किया जा रहा है।
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राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि टेलीग्राम बैन- मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा है। यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।
सुविधा छीन लेना पेपरलीक का समाधान कैसे हुआ?
राहुल गांधी ने आगे लिखा कि लाखों छात्र वर्षों से टेलीग्राम पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?और यह फूलप्रूफ भी नहीं है- यह देश का हर छात्र जानता है, और पेपर लीक माफिया भी। फिर अगला बैन किसपर लगाएंगे? व्हाट्सएप?
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'Telegram Ban’ - मोदी सरकार का पेपर लीक रोकने का नया नुस्खा।
यानी चोर को पकड़ने के बजाय, पीड़ित के घर पर ताला लटका दो।
लाखों छात्र वर्षों से Telegram पर पढ़ते हैं - नोट्स, टेस्ट सीरीज़, डिस्कशन, तैयारी। वो सुविधा छीन लेना पेपर लीक का समाधान कैसे हुआ?
दिखावे की कोई कमी नहीं होगी
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि परीक्षा के दिन छात्रों की तलाशी होगी। जेबें कैंची से काटी जाएंगी। प्रश्नपत्र वायुसेना से भेजे जाएंगे। दिखावे की कोई कमी नहीं होगी। पर बीमारी की जड़ पर एक वार भी नहीं- क्योंकि पेपर लीक माफिया इसी सरकार की देख-रेख में फल-फूल रहा है, और युवाओं को खून के आंसू रुला रहा है। साथ ही उन्होंने सरकार से मांग की वह दिखावा छोड़े और माफिया पर कार्रवाई करें।