राजस्थान के कोटा जिले में कोटा विकास प्राधिकरण (केडीए) ने एक बार फिर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। केडीए के बुलडोजर ने थेगढ़ा क्षेत्र में वर्षों से जमे अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इस क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा 100 से अधिक भूखंड काटे गए थे, जिन पर फार्म हाउस, शोरूम, गोदाम और मकान तक बना दिए गए थे। यह भूमि 28 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैली हुई है और राजस्व रिकॉर्ड में ‘गैर मुमकिन तालाब’ के रूप में दर्ज है।
कार्रवाई के दौरान विरोध
कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में बुलडोजर, कोटा विकास प्राधिकरण के अधिकारी और पुलिस बल मौके पर मौजूद रहे। इस दौरान कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए अवैध अतिक्रमण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
ड्रोन सर्विलांस से रखी गई निगरानी
अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में केडीए की उप सचिव मालविका त्यागी, तहसीलदार हिम्मत सिंह, डीसीपी रुद्र प्रताप शर्मा सहित अन्य अधिकारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। एहतियातन तीन थानों का पुलिस जाब्ता और पांच थाना अधिकारी भी तैनात रहे। पूरे क्षेत्र पर ड्रोन सर्विलांस के जरिए नजर रखी गई। कार्रवाई से पहले सभी लोगों को मौके से सुरक्षित हटाया गया, इसके बाद बुलडोजर की मदद से निर्माण ध्वस्त किए गए।
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कॉलोनाइजर से खरीदे गए थे भूखंड
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कॉलोनाइजर से भूखंड या मकान खरीदे थे और इसके लिए लाखों रुपये का भुगतान किया गया था। लोगों का दावा है कि उन्हें भूमि की वास्तविक स्थिति की कोई जानकारी नहीं थी। अब कॉलोनाइजर से संपर्क नहीं हो पा रहा है और उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई भी नहीं की गई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार पास में पहले से बस्ती होने के कारण उन्होंने यहां भूखंड खरीदे। कार्रवाई के दौरान कुछ महिलाओं द्वारा अधिकारियों पर पत्थर उठाने की घटना भी सामने आई, हालांकि समझाइश के बाद स्थिति शांत हो गई।