फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोटा चिड़ियाघर में चल रहा चूहे-बिल्ली का खेल, मुसीबत में पड़ा जू प्रशासन

Mon, 15 Mar 2021 01:06 PM IST
प्रियंका तिवारी न्यूज डेस्क, अमर अजाला, कोटा
विज्ञापन
कोटा में बिल्लियों के आतंक से परेशान हुआ चिड़ियाघर प्रशासन - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

इस बात से तो सभी वाकिफ हैं कि यदि कहीं पर चूहों का आतंक बढ़ जाए तो बिल्लियां काफी मददगार साबित होती हैं, लेकिन क्या हो अगर चूहों को भगाने के चक्कर में उल्टा बिल्लियां ही उत्पात मचाने लगें? इन दिनों कोटा के चिड़ियाघर में कुछ ऐसा ही हाल है। यहां बिल्लियों का आतंक काफी बढ़ गया है। दरअसल, चिड़ियाघर में काफी संख्या में चूहे बढ़ गए थे, जिनसे अन्य जानवरों को इंफेक्शन हो जा रहा था। उदयपुर बायो पार्क में तो चूहों के इंफेक्शन से कुछ वन्य जीवों की मौत तक हो गई थी।

ऐसे में यहां चूहाें की भनक लगते ही आसपास के इलाके से उनका शिकार करने के लिए कई बिल्लियां आ गई थीं। इन बिल्लियों की वजह से चूहे तो काफी कम हो गए, लेकिन अब मसला यह है कि इन बिल्लियों की तादाद भी बढ़ गई है। इतना ही नहीं यह बिल्लियां मौका मिलते ही वन्यजीवों के लिए रखा खाना-राशन सब चट कर जाती हैं। यह एक तरफ वुल्फ के बच्चों के लिए रखा जाने वाला दूध पी जाती हैं तो दूसरी तरफ पैंथर और हायना की खुराक खा जाती हैं। इससे वन्यजीव भूखे रह जाते हैं। अब उनकी सेहत पर भी इसका असर पड़ने लगा है।

विज्ञापन


इस मसले से चिड़ियाघर प्रशासन काफी परेशान चल रहा है। ऐसे में उसने समस्या से निजात पाने के लिए एक तरकीब निकाली। असल में चिड़ियाघर प्रशासन ने इन दिनों बिल्ली पकड़ाे अभियान छेड़ दिया है। इसके तहत जाेधपुर से एक पिंजरा मंगाया गया है। इस अभियान के तहत चिड़ियाघर प्रशासन ने अब तक आठ बिल्लियाें काे पकड़ने में सफलता पाई है। बता दें, इन बिल्लियों को जंगल में छोड़ दिया गया है। हालांकि, अब चिड़ियाघर के अधिकारियों को डर है कि यहां चूहों का आतंक फिर से न बढ़ जाए। उन्हें डर है कि चूहों से फैलने वाला इंफेक्शन वन्य जीवों के लिए खतरा बन सकता है।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें