प्रदेश के यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा गुरुवार को कोटा दौरे पर रहे। मंत्री खर्रा के साथ में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र सिंह राठौर भी कोटा पहुंचे। दोनों नेता मिसा बंदियों के सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए कोटा पहुंचे। वहीं सर्किट हाउस पहुंचने पर बीजेपी के जनप्रतिनिधियों ने दोनों का स्वागत किया। वहीं मीडिया से बातचीत करने के दौरान दोनों ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कांग्रेस पर जमकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने चंबल रिवर फ्रंट पर बोलते हुए कहा कि ये सफेद हाथी बन गया है। जितनी राशि इसके निर्माण में खर्च हो रही थी। उससे ज्यादा तो मरम्मत में ही खर्च हो रहा है। इसमें पर्यावरण सहित भ्रष्टाचार के गंभीर मसले सामने आ रहे हैं। सबकी जांच बड़े स्तर पर पहुंच गई है। इसका परिणाम भी जल्द आ जाएगा। राजस्थान में जितनी भी गड़बड़ियां कांग्रेस शासन में हुई हैं। धीरे-धीरे सबकी जांच करवाई जा रही है। रोजना किसी ना किसी नगर पालिका या परिषद के मामले में मुकदमे भी दर्ज हो रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी चंबल रीवर फ्रंट में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया था।
बेतुके बयान देकर गहलोत खराब की अपनी छवि
वहीं भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने गहलोत द्वारा दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि उनकी पिछली सरकर अंतर विरोध में गुजारी है। पहले साल में सरकर को खुद के लोगों ने ही चुनौती दे डाली थीं। उस समय की सरकार दो खेमों में बंट गई थी और कोरोना के दौरान होटलों में जाकर बैठ गई थी। शायद गहलोत को वो सपना याद आ गया। इसलिए उनको लगता है कि राजस्थान में मुख्यमंत्री की कुर्सी को खतरा है। शायद उन्हें खुद की पार्टी की तरह, 'जिसके डीएनए में ही कुर्सी प्राप्त करने के लिए षडयंत्र रचना रहा है' उन्हें अपनी परंपरा याद आ गई। अशोक गहलोत खुद मुख्यमंत्री रह चुके हैं, उनको मालूम होगा कि स्थानांतरण करने का अधिकार किसको होता है? इस तरह के बेतुके बयान देकर गहलोत ने अपनी खुद की छवि को ही मजाक बनाकर रख दिया है। वहीं कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीना द्वारा लगातर मारे जा रहे छापे को लेकर भी राजेंद्र राठौड़ ने कहा की ये गड़बड़ झाला वो लोग कर रहे हैं जिनको कांग्रेस राज में लाइसेंस मिला था। जिन्होने किसान को बर्बाद कर दिया है। आज किरोड़ी लाल मीना साधुवाद के पत्र है की वह कांग्रेस के समय किए गए भ्रष्टाचार को प्रदेश की जनता के सामने ला रहे हैं।