भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने कृषि विभाग के तत्कालीन संयुक्त निदेशक आनंदीलाल मीणा के खिलाफ रिश्वत मांगने का एक और मामला दर्ज किया है। बारां एसीबी की टीम आरोपी अधिकारी को पहले ही रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर चुकी है। इसके बावजूद कोटा एसीबी को आरोपी के खिलाफ 5,000 रुपये रिश्वत मांगने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाए जाने के बाद कोटा टीम आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही थी, लेकिन इससे पहले ही बारां एसीबी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
जयपुर मुख्यालय से दर्ज हुआ मुकदमा
लाइसेंस सत्यापन के नाम पर मांगी रिश्वत
दो विक्रेताओं से 8 हजार रुपये लेते पकड़ा था
बारां एसीबी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कालूराम वर्मा ने बताया कि मूल रूप से बूंदी जिले की हिंगोनिया पंचायत के छाड़गांव निवासी आनंदीलाल मीणा के खिलाफ शिकायत मिलने पर 6 मई को कार्रवाई की गई थी। एसीबी टीम ने आरोपी को दो अलग-अलग विक्रेताओं से कुल 8,000 रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। आरोपी प्रति दुकान स्टॉक प्रमाणित करने के लिए 5,000 रुपये रिश्वत मांगता था। सौदा तय होने के बाद वह किसी से कम तो किसी से अधिक रकम वसूलता था। इस मामले में आरोपी करीब एक महीने पहले ही जमानत पर रिहा हुआ है।