प्रसव के बाद नवजात को गोद में लिए पिता और उनके साथ मौजूद रेलवे टीम के सदस्य
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गोल्डन टेंपल मेल में सफर के दौरान एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन में स्वस्थ शिशु को जन्म दिया। सूरत से मथुरा जा रही 28 वर्षीय निशा देवी को नागदा-शामगढ़ रेलखंड के बीच अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। आपात स्थिति में रेलवे कर्मचारियों और ऑन-ड्यूटी टीटीई की तत्परता से महिला को समय पर मदद मिली। ट्रेन के कोटा और गंगापुर सिटी स्टेशन पहुंचने पर रेलवे की मेडिकल टीम ने प्रसूता और नवजात की जांच कर प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद दोनों को एंबुलेंस से राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मां और बच्चे की हालत स्वस्थ बताई गई है।
नागदा-शामगढ़ रेलखंड के बीच ट्रेन में हुआ प्रसव
पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सौरभ जैन ने बताया कि 28 वर्षीय निशा देवी अपने पति रतन साहनी के साथ शुक्रवार को सूरत से मथुरा की यात्रा कर रही थीं। दंपती का आरक्षण ट्रेन के बी-5 कोच में सीट संख्या 31 पर था। ट्रेन जब नागदा-शामगढ़ रेलखंड के बीच से गुजर रही थी, तभी निशा देवी को तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।
महिला की स्थिति को देखते हुए सहयात्रियों ने तुरंत कोच में तैनात रेल कर्मचारियों से संपर्क किया। इसके बाद ऑन-ड्यूटी टीटीई के.के. मीना और बलराम मीना ने तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू की। दोनों ने कंट्रोल रूम और रेलवे के चिकित्सा अधिकारियों को सूचना दी। इसी दौरान नागदा और शामगढ़ के बीच चलती ट्रेन में ही महिला का सफल प्रसव हुआ और उन्होंने स्वस्थ शिशु को जन्म दिया।
कोटा स्टेशन पर डॉक्टरों की टीम ने की जांच
ट्रेन के कोटा स्टेशन पहुंचने से पहले ही रेलवे की मेडिकल टीम को अलर्ट कर दिया गया था। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही डॉक्टरों की टीम मौके पर पहुंची और प्रसूता व नवजात का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण किया। जांच के बाद यात्रियों की सहमति से दोनों को आगे की यात्रा जारी रखने की अनुमति दी गई।
हालांकि, आगे के सफर के दौरान महिला को दोबारा स्वास्थ्य संबंधी परेशानी महसूस हुई। इसके बाद गंगापुर सिटी स्टेशन पर रेलवे की मेडिकल टीम को तत्काल सूचना दी गई, ताकि महिला और नवजात को दोबारा चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
एंबुलेंस से राजकीय अस्पताल पहुंचाए गए मां और बच्चा
सूचना मिलते ही उपमंडल रेलवे चिकित्सालय के डॉ. असलम अंसारी और वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. सत्यवीर डूडी एंबुलेंस के साथ गंगापुर सिटी स्टेशन पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने प्रसूता और नवजात की जांच की और उन्हें प्राथमिक उपचार दिया। इसके बाद बेहतर चिकित्सा देखभाल और निगरानी के लिए दोनों को एंबुलेंस से स्थानीय राजकीय अस्पताल पहुंचाया गया। रेलवे प्रशासन की ओर से समय पर समन्वय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने की इस पहल की यात्रियों ने सराहना की। चलती ट्रेन में प्रसव जैसी आपात स्थिति के दौरान टीटीई और रेलवे मेडिकल टीम की तत्परता से मां और नवजात को समय पर उपचार मिल सका।