दरा रोड सेफ्टी ऑडिट में हुआ फेल।
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कोटा-झालावाड़ रोड पर दरा घाटी में लगने वाले जाम की व्यवस्था को सुधारने के लिए रूट में परिवर्तन किया गया है। जिससे दरा और कमलुरा के बीच करीब 10 किलोमीटर क्षेत्र में लगने वाले जाम से मुक्ति मिलेगी। कोटा ग्रामीण पुलिस ने एनएच-52 पर दरा नाल से ही ट्रैफिक डायवर्जन कर दिया। वहीं, जाम के दौरान कोई बीमार व्यक्ति, एम्बुलेंस या जरूरतमंद व्यक्ति जाम में रुका हुआ है तो वह पुलिस कंट्रोल रूम कोटा ग्रामीण से मोबाइल नंबर 8764850778, 9530443888, 07442350888 पर संपर्क करें।
जिला प्रशासन ने दरा नाल रोड की सुरक्षा ऑडिट करवाई थी, जिसमें सार्वजनिक निर्माण विभाग ने ऑडिट की और यह खरी नहीं उतरी है। इसके तत्काल बाद ही दरा घाटी से भारी यातायात के निकलने पर रोक लगा दी गई है। इन सभी वाहनों को झालावाड़, खानपुर होकर डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं, कोटा वाले ट्रैफिक को भी बारां से झालावाड़ की तरफ भेजा जा रहा है। इस ट्रैफिक में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और नेशनल हाईवे 52 का हैवी ट्रैफिक भी शामिल हैं।
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झालावाड़ से कोटा आने वाले भारी वाहन दरा जंगल में दाखिल न होकर खानपुर, बपारवकलां, सांगोद होकर कोटा आएंगे। इसके अलावा कुछ वाहनों के लिए सुकेत, रामगंजमंडी, चेचट, रावभाटा होते हुए कोटा आ सकेंगे। इसी तरह कोटा से झालावाड़ जाने वाले भारी वाहन कोटा से बारां, बारां से बपावरकलां, खानपुर होते हुए झालावाड़ जा सकते हैं।
कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 52 दरा स्टेशन से कमलपुरा के बीच में करीब 10 किलोमीटर का एरिया है, जोकि मोडक और थाना कनवास क्षेत्र से होकर गुजरती है। यहां की सड़क काफी संकरी और रास्ते में काफी उतार चढ़ाव भी है। रेलवे पुलिया के नीचे से एक ही वाहन निकलने का रास्ता है। ये मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग में शामिल है। इसलिए भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है।
वर्तमान में 8 लेन रोड दिल्ली-मुम्बई एक्सप्रेसवे का कार्य निर्माणाधीन है। इसलिए इस रूट पर वाहनों का आवागमन ज्यादा हो गया है। इस रास्ते में भारी लोडिंग वाहन अचानक खराब या वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने सेफ्टी ऑडिट करवाई गई थी। रिपोर्ट के आधार पर सुझाव दिया गया है कि यह संरचना बहुत पुरानी है और भारी यातायात के लिए उपयुक्त नहीं है। इस पर भारी वाहन नहीं चलाएं जाएं। भारी वाहनों के गुजरने से ट्रैफिक व्यवस्था बिगड़ जाती है।