बूंदी जिले में पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई है। हिंडोली उपखंड में आठ इंच बरसात होने से मेज नदी उफान पर आ गई है। इसी बीच एक लापरवाही की तस्वीर सामने आई है। यहां चेता गांव में मेज नदी की पुलिया को पार करते समय एक युवक पानी के सैलाब में बह गया। महज 15 सेकेंड में युवक सैलाब में बह गया।
हालांकि, कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने रेस्क्यू चला कर युवक को बचा लिया। युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हिंडोली में उसका इलाज चल रहा है। वहीं, मेज नदी के उफान का असर स्टेट हाइवे पर भी देखने को मिला। यहां खटकड़ पुलिया पर दो से तीन फीट पानी की चादर चल रही है, जिसके चलते प्रशासन ने मार्ग को बंद कर दिया है।
ऐसे में कई पंचायत का जिला मुख्यालय से संपर्क कर गया है। नैनवां-जयपुर मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है। वहीं, हिंडोली में दो जगह पर बिजली गिरने करने का मामला सामने आया है। यहां गुड़ा गोकुलपूरा गांव में स्कूल पर बिजली गिर गई। हालांकि, कोई जनहानि नहीं हुई। इसी प्रकार गोवर्धनपुरा में एक किसान के घर पर बिजली गिर जाने से उन्हें नुकसान उठाना पड़ा है।बिजली की कड़क से पूरा परिवार बेहोश हो गया, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया है। इसी तरह जिले के पाई बालापुरा बांध की पाल पर ग्रामीण, बच्चे सैलाब के बीच मस्ती करते हुए दिखाई दिए, इन्हें रोकने रोकने वाला कोई नहीं था।
गुढ़ा बांध का जलस्तर तेजी से बढ़ा, चार फीट खाली
बूंदी के सबसे बड़े बांधों में सुमार गुड़ा बांध में भी तेजी से जलस्तर बढ़ रहा है। 34 फीट भराव क्षमता वाले इस बांध का जलस्तर 24 घंटे के भीतर 31 फीट हो गया है। केवल चार फीट ही बांध खाली है। इस बांध पर चार फीट बाद चादर चलना शुरू हो जाएगी। ऐसे में प्रशासन पानी की आवक अधिक होने के चलते बांध के गेट भी खोलकर निकासी करेगा। इधर, जिला प्रशासन ने पूर्व में ही इस बांध से लगते गांवों को एडवाइजरी जारी कर दी है। उनसे कहा है कि नदी के किनारे पर बसे लोग सुरक्षित स्थान पर चले जाएं। बांध के कभी भी जलस्तर बनने के बाद गेट खोले जा सकते हैं। जिले के बड़ा नया गांव, बड़ोदिया, अलोद सहित कई गांव के लोगों को प्रशासन ने अलग किया है।
बिजली गिरने से हादसा टला, मंदिर की छत टूट
हिंडोली इलाके में दो जगह पर बिजली गिरने के मामले सामने आए हैं। यहां हिंडोली क्षेत्र के ग्राम गोकुलपुरा में राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के भवन में आकाशीय बिजली गिरने से भवन में दरार व लाइट के सामान जल गए। इसी तरह गोवर्धनपूरा गांव में प्रभुलाल पुत्र रामदेव जाति मीणा के मकान में बिजली गिरने से दरार आ गई। प्रभुलाल व सुशीला पत्नी श्यामलाल जाति भील निवासी गोवर्धन पूरा बेहोश हो गए, जिसको देवजी का थाना इलाज के लिए लेकर गए। इसी तरह जिले में तीन जगह पर मंदिर की छत गिरने के मामले सामने आए हैं। बूंदी शहर में देवपुरा में बालाजी के मंदिर में दीवार रह गई। वहीं, चैन राय जी का कटला में बालाजी के मंदिर पर छत पूरी तरह से टूट गई। वहीं, लाखेरी में भी मंदिर की छत टूटने से मंदिर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, कोई हादसा यहां देखने को नहीं मिला।