राजस्थान के कोटा जिले के दौरे पर पहुंचे कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने एक बार फिर लापरवाह अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा कि अगर आपदा से हुए नुकसान का मुआवजा किसानों तक नहीं पहुंचा और गरीब चक्कर काटने को मजबूर हैं, तो ऐसे अधिकारियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
कार्यक्रम में अधिकारियों की लगाई क्लास
कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा इटावा कस्बे के ढीपरी चंबल गांव में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान ओम बिरला भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताई और कहा कि जनता को परेशान करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चंबल नदी पर बनेगा 256 करोड़ का ब्रिज
इस मौके पर ढीपरी चंबल गांव से बूंदी जिले के चारणखुर्द तक करीब डेढ़ किलोमीटर लंबा पुल बनाने की घोषणा की गई। यह पुल चंबल नदी पर बनाया जाएगा, जिसकी लागत करीब 256 करोड़ रुपये होगी। कार्यक्रम के दौरान कृषि मंत्री ने एक किसान के खेत पर जाकर वहां उगाए गए खरबूजे का स्वाद भी लिया और किसानों के साथ बातचीत की।
'अगर किसान परेशान है तो मेरा मंत्री बनना बेकार'
कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि अब राजस्थान में डबल इंजन की सरकार काम कर रही है और तीसरा फायदा यह है कि ओम बिरला जैसे नेता जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएं सुनते हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े फायदे के बावजूद अगर प्रदेश का किसान परेशान है, तो उनका कृषि मंत्री बनना बेकार है। मंत्री ने भरोसा दिलाया कि चाहे किसान हाड़ौती का हो या पूरे राजस्थान का, आपदा से हुए नुकसान की एक-एक पाई उसे जरूर दी जाएगी।
नकली खाद-बीज पर सख्ती
किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि उन्हें नकली खाद और बीज की कई शिकायतें मिली हैं। जहां-जहां शिकायत मिली, वहां छापेमारी कर कार्रवाई की गई और लापरवाह लोगों को जेल भेजा गया। कई कंपनियों को भी बंद कराया गया है। उन्होंने किसानों से अपील की कि अगर कहीं भी नकली खाद या बीज मिले तो तुरंत शिकायत करें, ताकि तत्काल कार्रवाई हो सके।
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केंद्र सरकार ला रही है सख्त कानून
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार अब इस मामले में सख्त बिल लाने जा रही है। इस बिल के तहत अगर किसी किसान को नकली खाद या बीज दिया जाता है, तो दोषी पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा और 10 साल तक की सजा का प्रावधान होगा।