बूंदी जिले में केशोरापाटन रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने की घटना में कोटा में NEET की तैयारी कर रहा छात्र दीपक कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत कोटा के एमबीएस अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक छात्र बिहार के पटना का रहने वाला था और पिछले एक वर्ष से अपनी बहन के साथ कोटा में रहकर पढ़ाई कर रहा था।
रात में हॉस्टल से बिना बताए निकला, सुबह ट्रैक के पास मिला घायल
हॉस्टल वार्डन राजकुमार मेघवाल के अनुसार, दीपक और उसकी बहन पिछले एक साल से कोटा में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे। दीपक बॉयज हॉस्टल में और उसकी बहन गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी।
रविवार देर रात दीपक बिना किसी को बताए हॉस्टल से बाहर निकल गया। जब हॉस्टल की ओर से उसे फोन किया गया, तब उसने बताया कि वह अपनी बहन के साथ है, लेकिन उसने यह स्पष्ट नहीं किया कि दोनों पटना के लिए रवाना हो चुके हैं। अगली सुबह सूचना मिली कि केशोरापाटन रेलवे स्टेशन के पास एक छात्र गंभीर अवस्था में मिला है। पहचान के प्रयास किए गए तो वह दीपक ही निकला।
जेब से मिले दो जनरल टिकट, बहन मथुरा से लौट रही वापस
दीपक के पास से दो जनरल बोगी के टिकट मिले, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि वह अपनी बहन के साथ पटना के लिए निकला था और आगे की यात्रा के लिए मथुरा से दूसरी ट्रेन पकड़नी थी। जब परिवार और हॉस्टल वालों ने उससे संपर्क करने की कोशिश की, तो दीपक ने फोन नहीं उठाया। बाद में बहन से बातचीत में पता चला कि ट्रेन में बैठने के बाद वह सीट पर सो गई थी। उसे यह भी नहीं पता चला कि दीपक कब ट्रेन के गेट की ओर चला गया और कैसे वह गिर गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद दीपक की बहन मथुरा से वापस कोटा लौट रही है। उसी के आने के बाद पूरी घटना की परिस्थितियों को लेकर और स्पष्टता मिलेगी।
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पोस्टमार्टम परिजनों के आने के बाद
पुलिस ने घायल दीपक को अस्पताल पहुंचाने के बाद उसके निधन की सूचना परिजनों को दे दी है। शव को एमबीएस अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों के कोटा पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। यह भी जांच की जा रही है कि ट्रेन से गिरने की घटना दुर्घटनावश हुई या किसी अन्य कारण से वह दरवाजे के पास पहुंचा।