राजस्थान के कोटा जिले में शनिवार को दर्दनाक हादसा सामने आया है। शहर के विज्ञाननगर थाना क्षेत्र इलाके में डकनिया स्टेशन वाली रोड पर पानी से भरे भूखंड में 10 साल का बच्चा डूब गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। इस बीच मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोगों ने पानी में डूबे बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश भी की। लेकिन सफल नहीं हुए। वहीं, सूचना पर नगर निगम गोताखोर टीम भी मौके पर पहुंची और करीब तीन से चार मिनट में गोताखोरों ने बच्चे को बाहर निकाल दिया। लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।
नगर निगम गोताखोर विष्णु श्रृंगी ने बताया कि पुलिस की सूचना पर मौके पर पहुंचे। जहां एक भूखंड में 22 फीट पानी भरा हुआ था, जिसमें यह बच्चा डूबा हुआ था, जिस जगह बच्चा डूबा था। वहां गोताखोर 22 फीट नीचे जाकर बच्चे को निकाल कर बाहर लाए। बच्चे को मौके पर सीपीआर दी। तुरंत एंबुलेंस से अस्पताल भिजवा दिया गया। बच्चे को हालात काफी गंभीर थी। अस्पताल में उपचार के दौरान बच्चे की मौत हो गई। शहर के रिहायशी कोचिंग इलाके में भूखंड के अंदर काफी लंबे समय से पानी भरा हुआ है। इस भूखंड की दीवार टूटी हुई है। यहां पर बच्चा अपनी बहन के साथ पहुंचा था। जब बच्चा पानी में डूबा तो उसकी बहन ने घर पर जाकर सूचना दी, तब जाकर बच्चे के डूबने का पता लगा।
यह भी पढ़ें: वक्फ बिल पर वोटिंग को लेकर कनकमल कटारा का बयान, राजकुमार रोत ने पहुंचाई आदिवासी भावनाओं को ठेस
आपको बता दें कि कोटा शहर में आज भी कई इलाकों में खाली पड़े भूखंडो में बारिश का पानी जमा है, जिससे गंदगी के साथ लोगों की जान का भी खतरा बना हुआ है। कई बार भूखंड मालिकों को जानकारी देने के बाद भी अभी तक न तो भूखंड पर कोई निर्माण कार्य हुआ और न ही भूखंड से पानी को बाहर निकाला गया है। इसकी वजह से कई बार हादसे सामने आ चुके हैं। वहीं, जिला प्रशासन को इन सब मामलों की जानकारी होने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई इन भूखंड मालिकों के खिलाफ नहीं की गई है।
यह भी पढ़ें: हिला के साथ मारपीट कर लज्जा भंग करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार, लकड़ी और सरिए से किया था हमला