कोचिंग छात्रों द्वारा आत्महत्या के बढ़ते मामलों को लेकर सीएम राजे का ट्वीट
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छात्रों द्वारा लगातार आत्महत्या करने के मामले को लेकर खुद राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने दुख जताया है। सीएम ने ट्विट कर कहा कि 'छात्रों द्वारा आत्महत्या करना बेहद ही दुखद है,छात्र ये समझ लें कि परीक्षा जिंदगी का हिस्सा है,पूरी जिंदगी नहीं' सीएम ने ट्विट कर आगे कहा कि मेरी सभी छात्रों से अपील है कि आप अपने दिमाग को शांत रखे और तनाव को अपनी जिंदगी पर ज्यादा हावी नहीं होने दें।
सीएम की छात्रों से अपील करने के बीच ही बूंदी में एक 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र ने जेईई परीक्षा पास नहीं कर पाने से दुखी होकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को छात्र के पास से किसी तरह का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। मामला कोतवाली थाना इलाके के न्यू कॉलोनी का है जहां एक 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र शिखर उपाध्याय ने अपने कमरे के पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।
जानकारी के अनुसार छात्र ने हाल ही में जेईई मेंस परीक्षा दी थी जिसे वो क्लीयर नहीं कर पाया था। शिखर की मां सरकारी स्कूल में टीचर है और सोमवार दोपहर को जब वो स्कूल से लौटी तो अपने बेटे को पंखे से झूलता पाया जिसके बाद उन्होनें पुलिस को इस बात की सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस को शिखर के परिजनों ने बताया कि घरवालों की ओर से उसपर पढ़ाई करने का कोई दबाव नहीं दिया जा रहा था और शिखर ने जेईई की तैयारी के दौरान कोई कोचिंग संंस्थान भी जॉइन नहीं कर रखी थी। मामले को देखते हुए पुलिस भी अभी इस बात से इंकार कर रही है कि मृतक छात्र ने पढ़ाई के दबाव में आकर आत्महत्या की होगी। वहीं पुलिस को छात्र के कमरे से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला है।
पुलिस ने शिखर की बॉडी का पोस्टमार्टम करा शव परिजनों को सौंप दिया है। हालांकि मामले की जांच में जुटी पुलिस शिखर के परिजनों से पूछताछ करने की कोशिश कर रही है लेकिन उसके परिजन अभी कुछ भी कहने की स्थिती में नहीं है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कोटा में कुछ दिनों पहले ही अरिजीत परमाणिक नामक 16 वर्षीय छात्र ने जेईई का रिजल्ट आने के बाद आत्महत्या कर ली थी।