सीकर प्रशासन खाटू श्याम मंदिर की व्यवस्था बेहतर करने और श्याम भक्तों की सुविधाओं के लिए तैयारियां कर रहा है। जिला स्तरीय अधिकारियों का एक दल आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर भेजा गया, ताकि वहां की व्यवस्था का अध्ययन किया जा सके और खाटू श्याम मंदिर की व्यवस्था को मजबूत बनाया जा सके।
प्रत्येक श्रद्धालु और सामान की स्क्रीनिंग
जिलास्तरीय अधिकारियों के दल की जानकारी के अनुसार, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सतर्कता की दृष्टि से तिरुपति में आने वाले हर श्रद्धालु की और उनके लगेज की स्क्रीनिंग होती है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, सामान्य-वीआईपी दर्शन, डोनेशन दर्शन, समस्त दर्शनों में श्रद्धालुओं की फोटो स्कैन रहती है, जिससे तिरुपति मंदिर कैंपस में किसी भी समय उपस्थित श्रद्धालुओं की संख्या के बारे में मंदिर और स्थानीय प्रशासन को जानकारी रहती है।
दर्शन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था
तिरुपति मंदिर में दर्शन के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है और दर्शन स्लॉट आवंटित किए जाते हैं। सभी प्रकार के दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्थित डोम, बैठने-आराम करने की व्यवस्था, सिटिंग और बड़े-बड़े कंपार्टमेंट बने हुए हैं, जिनमें महिला और पुरषों के लिए अलग अलग शौचालय बने हैं। श्रद्धालुओं के नहाने की व्यवस्था भी की गई है।
निशुल्क भोजन की व्यवस्था
श्री श्याम मंदिर कमेटी और विभिन्न समितियों, भंडारों द्वारा खाटू श्याम मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। लेकिन प्रक्रिया को और व्यवस्थित रूप देने के लिए जिला प्रशासन जल्दी हितधारकों के सहयोग से विस्तृत कार्य योजना बना सकती है, जिससे विश्राम स्थल, वेटिंग ऐरिया में वितरण केंद्रों की स्थापना होने से सुगमता रहेगी।
दिव्यांग-वृद्धजनों के लिए ये सुविधा
टीटीडी द्वारा दिव्यांग, वृद्धजनों के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन किया जाता है और उनके दर्शनों के लिए अलग लाइन लगती है। अगर सामान्य लाइन में दिव्यांग, वृद्धजनों का प्रवेश किया जाता है, तो वह इमरजेंसी द्वार से अलग लाइन में जा सकते हैं। ऐसे में खाटूश्यामजी में नई व्यवस्था के तहत 14 लाइनों में से एक विशेष रूप से वृद्धजनों, दिव्यांगों के लिए आरक्षित होगी।
चिकित्सा की व्यवस्था
तिरुमला में वेटिंग एरिया के हर चार कम्पार्टमेंट की बीच एक मेडिकल सहायता केंद्र है, जहां डॉक्टर, नर्स और दवाएं उपलब्ध रहती हैं। खाटूश्यामजी में पहले सीएचसी, पावर ग्रिड और मंदिर में मेडिकल सेंटर बनाए जाते हैं। श्रद्धालुओं के पैदल मार्ग में प्रत्येक 500 मीटर पर चिकित्सा सहायता केन्द्र बनाए जा सकते हैं। इसके लिए चिकित्सा विभाग, आयुर्वेद, होम्योपैथिक तथा एनजीओ, इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी का भी सहयोग लेने पर विचार किया जा सकता है।
फायर सुरक्षा की व्यवस्था
मंदिर का कैंपस खुला और पर्याप्त स्थान वाला है। पानी पर्याप्त है और मंदिर के अंदर के भाग में फायर फाइटिंग सिस्टम हर बड़े कॉम्पलेक्स भवन में है। खाटूश्यामजी में सभी धर्मशाला, गेस्ट हाउस में फायर फाइटिंग सिस्टम दिया जाना चाहिए. इसपर भी चर्चा चल रही है।
दल में जिला स्तरीय अधिकारी कपिल उपाध्याय, सहायक निदेशक प्रशासनिक सुधार विभाग राकेश लाटा, एसीपी मुकेश गाडोदिया सहित अन्य अधिकारी शामिल हैं।