राजस्थान के माइंस विभाग ने राजस्थान के करौली जिले में आयरन और (लौह अयस्क) के चार ब्लॉकों की कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया शुरू करते हुए भारत सरकार के पोर्टल एमएसटीसी पर टेंडर डाक्यूमेंट बिक्री के लिए उपलब्ध करा दिया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश और पहल पर खान विभाग ने पिछले दिनों ही करौली में हिंडौन के पास करीब 1,888 हेक्टेयर क्षेत्र में आयरन और ब्लॉकों के कंपोजिट लाइसेंस के लिए नीलामी की तैयारी शुरू की।
खान सचिव आनन्दी ने बताया कि करौली के हिंडौन के पास खोड़ा, डेडरोली, टोडुपुरा और लीलोटी में आयरन के 840 मिलियन टन से अधिक डिपोजिट के संकेत मिले हैं। राज्य सरकार द्वारा कंपोजिट लाइसेंस के लिए ई-नीलामी की जाएगी। आयरन के नए डिपोजिट्स से प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।
करौली के आयरन और ब्लॉकों की ई-नीलामी में हिस्सा लेने के इच्छुक प्रतिभागी 15 मार्च तक एमएसटीसी पोर्टल से टेंडर डॉक्यूमेंट अपलोड कर सकेंगे। देश से बाहर की माइनिंग कंपनियां भी इस बिड में हिस्सा ले पाएंगी। इसके लिए चार अप्रैल को मध्यान्ह एक बजे तक बिड प्रस्तुत कर सकेंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को डेडरोली, 23 अप्रैल को खोडा, 24 अप्रैल को लीलोटी और 25 अप्रैल को टोडुपुरा आयरन ब्लॉक की ई-नीलामी होगी।
आरंभिक एक्सप्लोरेशन में आयरन के मेग्नेटाइट और हेमेटाइट दोनों के ही संकेत मिले हैं। करौली के खोड़ा में 462.3 हेक्टेयर, डेडरोली में 754.38 हेक्टेयर, टोडुपुरा में 260.71 हेक्टेयर और लीलोटी में 410.94 हेक्टेयर क्षेत्र में आयरन ओर के डिपोजिट मिले हैं। एक मोटे अनुमान के अनुसार, यहां आयरन के 840 मिलियन टन से अधिक डिपोजिट है। यहां पर चुंबकीय प्रकृति के मेग्नेटाइट और नार्मल प्रकृति के हेमेटाइट आयरन उपलब्ध है। आरएसएमईटी द्वारा ऑक्शन के लिए ब्लॉक तैयार किये गये हैं।