केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस मामले में दो चीजों की जांच की जरूरत है। पहला पुलिस प्रशासन और सरकार का कितना दबाव था? दूसरा उन सभी लोगों को बेनकाब करना जो दूसरों को प्रभावित करते हैं। उन्हें 'भारतीय नव-वर्ष' मनाने में समस्या होती है।
करौली में हिंदू नव वर्ष पर भड़की हिंसा के बाद से हालात तानवपूर्ण बने हुए हैं। शहर में सात अप्रैल तक कर्फ्यू और इंटनेट सेवाएं बंद की हैं। सरकार द्वारा गठित एसआईटी मामले की जांच कर रही है। घटना को लेकर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने गुरुवार को एक बयान दिया।
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उन्होंने कहा कि अगर कोई इस घटना की प्राथमिकी पढ़ेगा, तो स्पष्ट हो जाएगा कि यह खुफिया इनपुट के साथ पहले से किया गया प्लान था। उन्होंने कहा कि एसपी को बताया गया था कि लोग छतों से हमला कर सकते हैं। इसके बाद भी पुलिस ने लापरवाही बरती।
केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि इस मामले में दो चीजों की जांच की जरूरत है। पहला पुलिस प्रशासन और सरकार का कितना दबाव था? दूसरा उन सभी लोगों को बेनकाब करना जो दूसरों को प्रभावित करते हैं। उन्हें 'भारतीय नव-वर्ष' मनाने में समस्या होती है।
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कर्फ्यू में दी जा सकती है ढील
जानकारी के अनुसार आज गुरुवार को शहर में प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक होने वाली है। इसमें जनप्रतिनिधि के साथ दोनों समुदाय के लोग भी शामिल हो सकते हैं। बैठक में शहर के हालात को लेकर चर्चा की जाएगाी। सहमति बनने पर कर्फ्यू में कुछ ढील भी दी जा सकती है।
क्या है मामला
करौली में दो मार्च को हिंदू नव वर्ष पर निकाली गई बाइक रैली पर पथराव की घटना सामने आई थी। इससे हटवारा बाजार में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। उपद्रवियों ने 35 से अधिक दुकानों, मकानों और बाइकों को आग के हवाले कर दिया था। बिगड़ते हालात को देखते हुए शहर में पहले धारा 144, कर्फ्यू और फिर इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। हिंसा में पुलिसकर्मियों सहित 43 लोग घायल हो गए थे, जबकि पुष्पेंद्र नाम के व्यक्ति की हालत गंभीर थी। उसका जयपुर के अस्पातल में इलाज चल रहा है।