बीमा कंपनी के अधिकारियों की केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर और कृषि राज्य मंत्री चौधरी ने ली बैठक।
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बाड़मेर के किसानों के फसल खराबे के बावजूद बीमा कंपनियों की ओर से खराबे का पूरा भुगतान नहीं किए जाने पर स्थानीय सांसद और केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने बीमा कंपनियों की क्लास ले ली। बुधवार को कृषि भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में बैठक हुई।
बैठक में केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के साथ कृषि मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी की सीईओ, राजस्थान के कृषि आयुक्त और अन्य बीमा कंपनी के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआईसी) के अफसरों को कड़ी फटकार लगाते हुए किसानों को फसल खराबे की मुआवजा राशि देने के निर्देश दिए।
अलग से 229 करोड़ रुपए जारी करने के निर्देश
बैठक के बाद केंद्रीय कृषि राज्यमंत्री बाड़मेर-जैसलमेर सांसद कैलाश चौधरी ने बताया कि एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी (एआईसी) को बाड़मेर जिले के किसानों को पहले जारी की गई 311 करोड़ रुपए की राशि के अलावा अब अलग से तुरंत 229 करोड़ रुपए की राशि जारी करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों की समस्याओं पर डिटेल में चर्चा की गई। राज्यों से महाराष्ट्र की तरह न्यूनतम बीमा भुगतान राशि तय करने का भी आग्रह किया गया है। बैठक में यह निर्देश भी दिया गया कि किसानों की कंप्लीट बीमा भुगतान राशि को जोड़कर एकसाथ ही बैंक खाते में भेजा जाए।
राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही
केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि अब किसानों के खाते में कुल 540 करोड रुपए जमा होंगे। वैसे कृषि राज्य सूची का विषय है। लेकिन राजस्थान की कांग्रेस सरकार अपनी जिम्मेदारियों से भाग रही है। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कृषि और किसान कल्याण को लेकर पूरी तरह संकल्पित है।
कैलाश चौधरी ने कहा कि भविष्य में फसल बीमा क्लेम को मिलाकर एक सम्पूर्ण राशि किसानों के खाते में भेजे जाने को लेकर बीमा कंपनी के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं, ताकि एक सम्मानजनक अमाउंट किसान के खाते में जाने से उसके स्वाभिमान को भी ठेस ना पहुंचे।