शिवराज सिंह चौहान ने बेटे-बहू से लिया आठवां वचन
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जोधपुर के ऐतिहासिक उम्मेद भवन पैलेस में गुरुवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय और बहू अमानत की शादी संपन्न हुई। इस भव्य समारोह में देश की कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की। शुक्रवार को सभी मेहमान जोधपुर एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना हुए।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "मैं जोधपुर की पावन धरती को प्रणाम करता हूँ। हमें यहां से एक बेटी मिली है और बेटी को विदा कर रहे हैं। जोधपुरवासियों से जो प्रेम और सहयोग मिला, वह अविस्मरणीय है। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूँ। जोधपुर अपनत्व, करुणा, दया, शौर्य और वीरता की पहचान है।"
आठवां वचन: हर शुभ अवसर पर पेड़ लगाने की परंपरा
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे-बहू से विवाह के अवसर पर ‘आठवां वचन’ लिया है, जिसके तहत वे शादी, मैरिज एनिवर्सरी और जन्मदिन जैसे खास अवसरों पर एक पेड़ जरूर लगाएंगे। उन्होंने कहा कि पेड़ लगाना पर्यावरण संरक्षण के लिए बेहद जरूरी है और इसे समाज में एक परंपरा के रूप में अपनाया जाना चाहिए।
बेटी को मान-सम्मान देने का संदेश
बेटियों के महत्व पर जोर देते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, "बेटी ईश्वर की अनमोल देन है। वही दुर्गा है, वही लक्ष्मी है, वही सरस्वती है। बेटी के बिना यह दुनिया अधूरी है। बेटियों को बचाना और उन्हें सम्मान देना हम सभी का कर्तव्य है।" उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान बेटियों के लिए चलाई गई योजनाओं का भी जिक्र किया और कहा कि "बेटी बचाओ" उनके जीवन का मिशन रहा है। साथ ही, उन्होंने समाज को दहेज प्रथा के खिलाफ जागरूक करने का संदेश भी दिया।
बहू को बेटी मानकर रखना चाहिए: साधना सिंह चौहान
शिवराज सिंह चौहान की पत्नी साधना सिंह चौहान ने कहा, "हम जोधपुर से एक बहुत प्यारी बिटिया अमानत को बहू के रूप में लेकर जा रहे हैं। शादी का आयोजन बहुत भव्य और यादगार रहा। हर परिवार को बहू को बेटी की तरह अपनाना चाहिए और उसे सम्मान व स्नेह देना चाहिए।" इस मौके पर मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और राज्य के युवा एवं खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंगी भी जोधपुर से दिल्ली रवाना हुए।