जोधपुर जिले के एमबीएम विश्वविद्यालय में एक स्टूडेंट द्वारा मोबाइल से नकल करते पाए जाने पर प्रोफेसर के पकड़ने पर छात्र द्वारा दो शिक्षकों के साथ मारपीट की गई। मारपीट को लेकर दोनों शिक्षकों ने रातानाड़ा थाने में छात्र के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। बताया जा रहा है कि छात्र महेंद्र चौधरी के खिलाफ अपने ही विश्वविद्यालय के शिक्षकों के साथ मारपीट के मामले में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया गया।
आईपीएस हेमंत कलाल ने बताया कि एमबीएम विश्वविद्यालय में परीक्षाएं चल रही थी और इसी परीक्षा के दौरान महेंद्र चौधरी छात्र द्वारा अपने ही विश्वविद्यालय के दो शिक्षकों के साथ मारपीट की गई। मारपीट को लेकर रातानाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज करवाया गया। वहीं, पुलिस ने छात्र को धारा-151 के तहत गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश करने के साथ ही छात्र की जमानत हो गई। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले को लेकर तफ्तीश करने में जुटी हुई है।
वहीं, प्रोफेसर अमित मीणा ने बताया कि एग्जाम के दौरान उनकी ड्यूटी कक्षा में थी और उन्हें पता चला कि महेंद्र चौधरी मोबाइल से नकल कर रहा है। उसे पकड़ने पर छात्र आक्रोश में आ गया और उसने मेरे साथ मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया। इसकी सूचना परीक्षा इंचार्ज डॉक्टर सरवनराम को दी गई। सरवन राम भी मौके पर पहुंचे और छात्र की तलाशी ली। लेकिन छात्र से मोबाइल बरामद नहीं कर पाए।
इस दौरान छात्र ने परीक्षा इंचार्ज सरवनराम के साथ भी मारपीट की और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। दो शिक्षकों के साथ मारपीट के मामले में दोनों ही शिक्षकों ने रातानाड़ा थाने पहुंचकर FIR दर्ज करवाई, जिसमें फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश कर रही है।
मामले में आरोपी छात्र को विश्वविद्यालय प्रबंधन ने विश्वविद्यालय से स्थाई रूप से निष्कासित कर दिया है। सोमवार देर रात यूनिवर्सिटी के एचओडी के साथ चली बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसके बाद विश्वविद्यालय चीफ प्रॉक्टर डॉ. शैलेश चौधरी ने उसके निष्कासन के आदेश जारी किया।
आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि जांच कमेटी ने छात्र महेंद्र चौधरी को दोषी माना है। उसने परीक्षा केंद्र अधीक्षक और विभागाध्यक्ष सरवनराम और वीक्षक सहायक आचार्य अमित मीणा के साथ मारपीट की थी। उसने परीक्षा कार्य भी बाधित किया। छात्र की इस हरकत को अनुशासनहीनता का दुर्लभतम उदाहरण माना गया है। जांच कमेटी ने शिक्षकों को गाली देना सहित अन्य को अपराधिक कृत्य माना।