थानाधिकारी रामेश्वर दयाल ने बताया कि करण सिंह उचियारड़ा समेत 16 लोगों ने जिला मजिस्ट्रेट के आदेश की पालना नहीं की। इसके साथ ही स्वीकृति के बिना सार्वजनिक स्थल पर धरना दे दिया था। इस पर उचियारड़ा के खिलाफ बिना अनुमति धरना देने, सरकारी निर्देशों और सार्वजनिक मार्ग बाधित करने, आचार संहिता का उल्लंघन करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
इन पर हुआ मामला दर्ज
थानाधिकारी ने बताया कि करण सिंह उचियारड़ा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष इलमदीन, फलोदी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस प्रत्याशी रहे प्रकाश छंगाणी, नगर परिषद उपसभापति सलीम नागौरी, कुम्भ सिंह पातावत, लोहावट पूर्व विधायक किशनाराम विश्नोई, फलोदी प्रधान उमरदीन, एडवोकेट प्रवीण सिंह,श्रीगोपाल व्यास, महेश व्यास, इस्लाम खान, जुनेजो की ढाणी सरपंच इनायत अली, मेहबूब खान, एडवोकेट गोरधन जयपाल, किरण मेघवाल, प्रवीण सिंह मदेरणा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
समझाइश के बावजूद नहीं मानें
पुलिस के अनुसार फलोदी जिला मजिस्ट्रेट के क्षेत्राधिकार में दो महीने के लिए धारा 144 लागू की गई है। 28 अप्रैल को दोपहर 12 बजे सूचना मिली कि फलोदी कस्बे के जोधपुर चौराहे पर कांग्रेस प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा के नेतृत्व में करीब 100 लोगों ने इकट्ठा होकर फलोदी सर्किल ऑफिसर (CO) आयुष वशिष्ठ के कार्यालय और थाने का घेराव किया था। सूचना के बाद पुलिस जोधपुर चौराहे पर पहुंची। उनसे समझाइश की गई, लेकिन वे नहीं मानें। सभी लोगों ने प्रदर्शन करते हुए जोधपुर से फलोदी जाने वाले मुख्य मार्ग को बाधित कर दिया और नारेबाजी की। एक बार फिर इनसे समझाइश की गई, लेकिन वे नहीं मानें। यहां से सभी सीओ ऑफिस पहुंचे और सड़क पर खड़े होकर जमकर नारेबाजी की। यहां उचियारड़ा समेत अन्य लोगों से पुलिस ने तीसरी बार समझाइश की, लेकिन करीब 2.30 बजे प्रदर्शनकारी यहां से रवाना होकर फलोदी थाने के सामने पहुंचे और टैंट लगाकर धरने पर बैठ गए। यहां भी एसडीएम सुनील पंवार और अन्य अधिकारियों ने समझाइश की, इसके बाद में धरना समाप्त किया।
यह है मामला
दरअसल, 26 अप्रैल को वोटिंग के दिन फलोदी विधानसभा क्षेत्र के बैंगटी कलां गांव के मतदान केंद्र पर भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी के बाद पथराव हो गया था। इसके बाद पुलिस ने 3 कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया। 28 अप्रैल रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने डीएसपी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मांग थी कि उनके द्वारा दी गई रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया जाए, बेवजह मारपीट करने वाले सिपाही को सस्पेंड किया जाए और भाजपा कार्यकर्ता द्वारा दर्ज करवाए गए मुकदमे की निष्पक्ष जांच की जाएगी। दो वार्ता विफल होने के बाद तीसरी वार्ता में तीन मांगों पर सहमति बनी थी। जिसके बाद धरना स्थगित कर दिया था। कांग्रेस प्रत्याशी करण सिंह उचियारड़ा ने धरने पर कहा था कि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो फिर से धरने पर बैठेंगे।