जोधपुर के बोरानाडा थाने में कुछ समय पहले एक बुजुर्ग को दो बच्चों की हत्या के मामले में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले को लेकर कई बड़े खुलासे सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि आरोपी दादा से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि दोनों बच्चों को फांसी पर लटकाने से पहले दीवार पर सिर को मारा गया।
उसके बाद आरोपी मोपेड लेकर पाली के लिए अपने दोस्त के साथ निकल गया था। हत्या करने के बाद आरोपी मुकुंद थानवी अपने दोस्त के साथ मोपेड से भागा था। वह पाली पहुंचा, जहां होटल में रुका और उसके बाद नाथद्वारा में फैक्टरी में काम करने वाले दोस्त से बात की। मोपेड पाली में ही छोड़कर बस के द्वारा नाथद्वार भाग गया था।
महिला को भगाने के पर पिता ने वसीयत से किया था बेदखल
आरोपी मुकुंद ने वर्ष 1991 में शादी की थी। पत्नी में दो बच्चे अलग-अलग फलोदी में रहते हैं। माता-पिता कुड़ी भगतासनी हाउसिंग बोर्ड में रहते हैं। काफी समय पहले फलोदी में पड़ोसी के मकान में चोरी करते हुए पकड़ा गया। वर्ष 2006 में वह शादीशुदा महिला को लेकर भाग गया था। इसके बाद परिवार को समाज से काफी बेइज्जती झेलानी पड़ी और आहत होकर पिता ने समाचार पत्र में विज्ञप्ति निकाल कर मुकंद को परिवार व संपत्तियों से बेदखल कर दिया था।
आरोपी नाम बदलने में मास्टरमाइंड
आरोपी अलग-अलग नाम सामने आ रहे थे। वह पहले बोरानाडा में श्याम सिंह भाटी उर्फ दादा के नाम से जाना जाता था। पकड़े जाने के बाद उसका नाम मुकुद थानवी के रूप में सामने आया, लेकिन अब स्कूली दस्तावेज से उसका नाम नरेंद्र थानवी होने का पता चला।
जान बचाने के लिए बच्चों ने किया था संघर्ष
हत्या से पहले भाई व बहन अपनी जान बचाने के लिए मुकुंद के सामने हाथ पैर जोड़ और गिड़गिड़ा कर जान की भीख मांगी थी, लेकिन बुजुर्ग ने दोनों को पहले पीटा उसके बाद उसके दोनों के सिर दीवार से दे मारा और उसके बाद दोनों को फांसी के फंदे पर लटका दिया गया था। वहीं पुलिस ने यह भी खुलासा किया है कि दीवार पर सिर मारने के बाद उन्हें तेजाब के ड्रम पर खड़ा करके फंदे से लटकाया और ड्रम को नीचे से हटा दिया गया। वहीं थाना अधिकारी शकील अहमद ने बताया कि प्रकरण में गिरफ्तार मूलत: फलोदी के मुकुंद थानवीयों उर्फ श्याम सिंह भाटी कोर्ट में पेश किया गया, जहां उन्हें 5 दिन के रिमांड के लिए भेज दिया गया।