फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Jodhpur: 'सिर्फ एक बंदा काफी है' फिल्म पर रोक से हाईकोर्ट का इनकार, आखिर क्यों रिलीज रुकवाना चाहते थे आसाराम

Sat, 27 May 2023 10:17 AM IST
अर्पित याज्ञनिक न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

आसाराम के खिलाफ केस लड़ने वाले वकील पीसी सोलंकी को लेकर बनी फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' की रिलीज रोकने को लेकर आसाराम की याचिका पर कोई ने इनकार कर दिया।
विज्ञापन
आसाराम और मनोज बाजपेयी। - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आसाराम केस लड़ने वाले दमदार वकील पीसी सोलंकी पर बनी फिल्म 'सिर्फ एक बंदा काफी है' की रिलीज पर रोक लगाने से हाईकोर्ट ने इनकार कर दिया है। इस फिल्म पर रोक लगाने के लिए आसाराम की तरफ से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस याचिका पर सुनवाई पर 23 मई को ही पूरी हो गई थी। अब तक कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा हुआ था।

विज्ञापन


बता दें नाबालिग से यौन शोषण के मामले में आरोपी आसाराम को अंतिम सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने की सजा सुनाई गई है। आसाराम के खिलाफ केस लड़ने वाले दमदार वकील पीसी सोलंकी पर बनी फिल्म 'सिर्फ एक बंदा ही काफी है' में एक्टर मनोज बाजपेयी ने वकील पीसी सोलंकी का किरदार निभाया है। फिल्म 23 मई को रिलीज हो चुकी है।

'सिर्फ एक बंदा काफी है' फिल्म पीसी सोलंकी पर बनी है। पीसी ने आसाराम यौन शोषण मामले में नाबालिग पीड़िता के पक्ष में केस लड़ा था। इस फिल्म में वकील का रोल अभिनेता मनोज बाजपेयी ने निभाया है। फिल्म की रिलीज को लेकर आसाराम की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर रिलीज पर रोक लगाने की मांग की थी। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने इस याचिका पर 23 मई को सुनवाई कर फिल्म की रोक पर फैसले को सुरक्षित रखा था।
विज्ञापन


फिल्म रिलीज पर रोक की मांग
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर बेंच में फिल्म की रिलीज को लेकर वकील एसपी शर्मा और विपुल सिंघवी ने याचिका दायर की थी। जिस पर 9 मई को पुष्पेंद्र सिंह भाटी के न्यायालय में सुनवाई हुई। जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी ने फिल्म के एक्टर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर को नोटिस जारी किया था। इस मामले की अगली सुनवाई 23 मई को रखी गई थी। इस दौरान मांग की गई कि फिल्म को रिलीज न किया जाए, क्योंकि आसाराम से किसी भी तरह की परमिशन नहीं ली गई। आसाराम बापू के मामले में अपील हाई कोर्ट में पेंडिंग है। इन सभी पक्षों को न्यायालय के समक्ष रखा गया।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें