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जैसलमेर बस हादसे पर सियासत गरमाई: ‘मंत्री के लिए हेलीकॉप्टर, आमजन के लिए इंतजार’, सांसद बेनीवाल ने कसा तंज

Wed, 15 Oct 2025 05:45 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर/जैसलमेर

सार

Politics Over Jaisalmer Bus Accident: जैसलमेर बस हादसे के बाद सियासत तेज हो गई है। सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया, जबकि मंत्री दिलावर और बिश्नोई ने सरकार की संवेदनशीलता दोहराई। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने शोक जताकर पीएम मोदी द्वारा सहायता राशि की घोषणा की बात दोहराई।
 
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जैसलमेर बस अग्निकांड पर सियासत शुरू - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राजस्थान में जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार को स्लीपर एसी बस में भीषण आग लगने की दर्दनाक घटना के बाद अब सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। हादसे में 21 लोगों की मौत और कई यात्रियों के गंभीर रूप से झुलसने के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने घटनास्थल और अस्पतालों का दौरा किया। एक ओर जहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राज्य मंत्री मदन दिलावर ने राहत कार्यों की जानकारी दी, वहीं सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल ने सरकार पर ‘संवेदनशीलता की कमी’ का आरोप लगाया।

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कांग्रेस सांसद उम्मेदराम बेनीवाल - फोटो : अमर उजाला
‘मंत्री के बीमार होने पर हेलीकॉप्टर की व्यवस्था होती है’
बाड़मेर-जैसलमेर सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल बुधवार को जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने हादसे में घायल यात्रियों और उनके परिजनों से मुलाकात की। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने हादसे को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। बेनीवाल ने तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि जब कोई मंत्री या राजनेता बीमार होता है, तो हेलीकॉप्टर और एयर एंबुलेंस की व्यवस्था तुरंत की जाती है। लेकिन आमजन के लिए वैसी संवेदनशीलता नहीं दिखाई जाती। अगर सरकार चाहती, तो सेना की मदद भी ली जा सकती थी।

धू-धू कर जलती बस - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने अब तक राज्य स्तरीय मुआवजे की घोषणा नहीं की है, जबकि केंद्र की ओर से घोषित राशि अपर्याप्त है। उन्होंने मांग की कि मुआवजा अहमदाबाद विमान हादसे की तर्ज पर दिया जाए और भविष्य में ऐसे हादसों की जिम्मेदारी तय की जाए। साथ ही जैसलमेर के अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था सुधारने की भी आवश्यकता बताई।


 

गजेंद्र सिंह शेखावत - फोटो : एएनआई (फाइल)
‘पूरा प्रदेश स्तब्ध, केंद्र ने राहत राशि घोषित की’
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना पूरे राजस्थान को झकझोर देने वाली है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हादसे की जानकारी मिलते ही मृतकों के परिजनों के लिए ₹2-2 लाख और घायलों के लिए ₹50-50 हजार की सहायता राशि की घोषणा की। शेखावत ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और दमकल विभाग ने तुरंत राहत-बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को जोधपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा खुद मंगलवार को जोधपुर और जैसलमेर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन को बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के निर्देश दिए।


 

दमकल कर्मियों ने पाया आग पर काबू - फोटो : अमर उजाला
राज्य मंत्री दिलावर और बिश्नोई पहुंचे अस्पताल
राजस्थान के शिक्षा मंत्री और जोधपुर प्रभारी मंत्री मदन दिलावर ने जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले को लेकर संवेदनशील है और प्राथमिकता घायल मरीजों को बेहतर उपचार देने की है।

यह भी पढ़ें- जैसलमेर बस हादसे में पहली FIR दर्ज: बस मालिक और ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप, पूर्व CM गहलोत ने उठाई यह मांग
 
दिलावर ने कहा कि केंद्र सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि घोषित की है, जबकि राज्य सरकार जल्द ही अपना राहत पैकेज घोषित करेगी। वहीं, उद्योग राज्य मंत्री केके बिश्नोई ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डॉक्टरों के साथ वर्चुअल बैठक कर घायलों की स्थिति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी।
 

जैसलमेर बस हादसे में हुई पहली एफआईआर - फोटो : अमर उजाला
पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत भी पहुंचेंगे जोधपुर
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी आज शाम 5:30 बजे जोधपुर पहुंचेंगे और महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात करेंगे। इससे पहले पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा शोक जताते हुए सवाल उठाया कि क्या बस में तकनीकी खामी (Technical Fault) हादसे की वजह हो सकती है। गहलोत ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है। सुना है बस कुछ ही दिन पहले खरीदी गई थी, ऐसे में यह जांच का विषय है कि आखिर आग लगी क्यों। कहीं कोई तकनीकी गलती या सुरक्षा में चूक तो नहीं रही?
 
 
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चलती बस में आग लगने से मची अफरातफरी - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने आगे कहा कि सरकार को चाहिए कि कंपनी से इस मामले में जवाब मांगे और जांच कराए। आग लगने के बाद दरवाजे लॉक हो जाना भी गंभीर सवाल उठाता है। ऐसी घटनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। गहलोत ने ईश्वर से मृतकों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की।

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