पाली नगर निगम को नया मेयर मिल गया है। भाजपा की वार्ड 33 की पार्षद नमिता बुबकिया मेयर पद का चुनाव जीत गई हैं। 65 सदस्यीय नगर निगम में हुए मतदान के बाद मतगणना की गई, जिसमें नमिता बुबकिया ने जीत दर्ज की।
मेयर पद के चुनाव में कांग्रेस की ओर से वार्ड 34 की पार्षद सुमित्रा जैन प्रत्याशी थीं। वहीं कांग्रेस से निर्वाचित पार्षद राजबाला हिंगड़ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में थीं। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुकाबला इन तीन प्रत्याशियों के बीच रहा।
संख्या बल में सबसे आगे होने के बावजूद कांग्रेस अपना मेयर नहीं बना सकी। कांग्रेस की अधिकृत प्रत्याशी सुमित्रा जैन के साथ पार्टी से निर्वाचित राजबाला हिंगड़ के निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने से मुकाबला त्रिकोणीय हो गया था।
निर्दलीय पार्षदों के रुख से बदला चुनावी गणित
भाजपा के पास 21 पार्षद थे और बहुमत के आंकड़े तक पहुंचने के लिए उसे 12 अतिरिक्त वोटों की जरूरत थी। ऐसे में 15 निर्दलीय पार्षदों की भूमिका अहम मानी जा रही थी। चुनाव परिणाम में नमिता बुबकिया के मेयर बनने के साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा बहुमत का आंकड़ा जुटाने में सफल रही।
कांग्रेस ने राजबाला हिंगड़ को पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया था। इसके बावजूद उनके निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने से कांग्रेस के सामने अपने ही खेमे से चुनौती खड़ी हो गई थी।
नमिता बुबकिया के मेयर निर्वाचित होने के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह है। वहीं कांग्रेस के 29 पार्षदों के सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद मेयर पद हासिल नहीं कर पाने से चुनाव का सियासी गणित चर्चा में है।