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Jodhpur: ‘डोटासरा जैसे लोग धर्मांतरण में लिप्त लोगों को बचा रहे, नए कानून में किसी को...’, बोले कानून मंत्री

Sun, 23 Nov 2025 04:01 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Jodhpur News: जोधपुर में कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस और डोटासरा पर धर्मांतरण से जुड़े लोगों को संरक्षण देने का आरोप लगाया। उन्होंने नए धर्मांतरण निषेध कानून के प्रावधानों, सख्त सजा और हालिया मामलों का उल्लेख करते हुए अवैध गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही।
 
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कानून मंत्री जोगाराम पटेल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोधपुर में प्रदेश के कानून मंत्री जोगाराम पटेल ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय धर्मांतरण को बढ़ावा मिला और कुछ नेताओं द्वारा इस तरह की गतिविधियों में लिप्त लोगों को संरक्षण दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता गोविंद सिंह डोटासरा ऐसे मामलों में अपराधियों को बचाते रहे हैं।

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नए कानून को बताया सख्त और प्रभावी
मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा लाया गया विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध कानून बलपूर्वक, छलपूर्वक, प्रलोभन या विवाह के नाम पर होने वाले अवैध धर्मांतरण को रोकने के लिए कड़ा प्रावधान करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब कोई भी व्यक्ति या संस्था किसी पर अनुचित प्रभाव डालकर धर्मांतरण नहीं करा सकती और ऐसा करने वालों को कठोर सजा मिलेगी।
 
लक्ष्मणगढ़ के हालिया मामले का किया उल्लेख
मंत्री ने बताया कि डोटासरा के विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ में हाल ही में नेछवा थाने के पाटोदा गांव की एक दलित युवती को एक मुस्लिम युवक बहला-फुसलाकर ले गया था। इस मामले में पुलिस कार्रवाई जारी है। मंत्री पटेल ने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने ऐसे मामलों में ढिलाई बरती है, लेकिन अब नए कानून के तहत किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।
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सजा, जुर्माने और प्रावधानों का विस्तृत विवरण
उन्होंने बताया कि अवैध धर्मांतरण पर न्यूनतम 7 वर्ष से अधिकतम 14 वर्ष की सजा और न्यूनतम 5 लाख रुपये जुर्माना लगाया गया है। यह अपराध गैर-जमानती एवं संज्ञेय श्रेणी में होगा।
 
नाबालिग, महिला, दिव्यांग, एससी–एसटी पीड़ितों पर अपराध करने पर न्यूनतम 10 वर्ष से अधिकतम 20 वर्ष की सजा तथा न्यूनतम 10 लाख रुपये का जुर्माना लगेगा।
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सामूहिक धर्मांतरण पर न्यूनतम 20 वर्ष से आजीवन कारावास तथा न्यूनतम 25 लाख रुपये जुर्माना होगा।
 
विदेशी या अवैध संस्थानों से धन लेकर धर्मांतरण कराने पर 10 से 20 वर्ष की सजा और 20 लाख रुपये जुर्माना लागू होगा।
 
भय, बल, विवाह का वादा, नाबालिग या अवैध व्यापार से जुड़े मामलों में न्यूनतम 20 वर्ष से आजीवन कारावास और न्यूनतम 30 लाख रुपये का जुर्माना देने का प्रावधान है। इसके अलावा जहां अवैध धर्मांतरण सिद्ध होगा, उस संपत्ति को जब्त या गिराया जा सकेगा।
 
कानूनी कार्रवाई जारी
मंत्री पटेल ने कहा कि नए कानून के लागू होने के बाद लक्ष्मणगढ़ और कोटा में मुकदमे दर्ज हुए हैं और सरकार ऐसी गतिविधियों के खिलाफ निश्चित और प्रभावी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि अब राजस्थान में अवैध धर्मांतरण का कोई खेल नहीं चलेगा या तो कानून माना जाएगा या सजा भुगतनी होगी।

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