जोधपुर में एड्स पीड़ित पत्नी द्वारा पति को षड्यंत्रपूर्वक संक्रमित करने का मामला सामने आया है। हालांकि पहली बार में पति की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि संक्रमण हुआ है या नहीं इसके बारे में तीन से छ: महीने बाद ही पता चल पाएगा।
जानकारी के अनुसार युवती के एड्स से संक्रमित होने के कारण पहले भी उसकी सगाई टूट गई थी। इसी वर्ष जुलाई महीने में युवती और उसके परिवार ने उसके संक्रमित होने की बात छुपाकर जोधपुर के ही एक युवक से उसकी शादी करवा दी। 9 जुलाई को शादी के बाद पत्नी के साथ संबंध बनाने के दौरान पत्नी ने यह जानते हुए भी कि बिना प्रोटेक्शन के संबंध बनाने से युवक भी संक्रमित हो सकता है उसे प्रोटेक्शन लेने से मना किया और उसके साथ संबंध बनाए। आगे भी ऐसा ही होता रहा लेकिन किसी बात पर पति को उस पर शक हुआ तो उसने पत्नी के मोबाइल की जांच की जिसमें उसके पुराने प्रेमी के नंबर मिले, जिस पर संपर्क करने के बाद युवक को सारे मामले का पता चला।
जानकारी देते हुए प्रेमी ने बताया कि अवैध संबंधों के चलते युवती को फरवरी 2023 में एड्स हो गया था, जिसका इलाज वह पहले अजमेर और उसके बाद झालावाड़ में करवा रही थी, इसके साथ ही प्रेमी पति को उसकी जांच रिपोर्ट भी भेज दी। पीड़ित पति ने पूरे मामले की पुष्टि करने के लिए झालावाड़ के अस्पताल में इसकी तलाश की, जिसमें पत्नी के एचआईवी पॉजीटिव होने की बात सामने आई।
मामले का खुलासा होने के बाद सबसे पहले पति ने अपनी जांच करवाई जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन डॉक्टर ने कहा कि एचआईवी संक्रमित होने के बारे में 3 महीने से 6 महीने बाद ही पता चल पाएगा। इसके बाद पति ने अपनी चालाक पत्नी का सच सबके सामने लाने के पत्नी से खून की जांच करवाने के लिए कहा, जिसे पत्नी ने सिरे से मना कर दिया। बार-बार कोशिश करने के बाद 31 अगस्त को किसी तरह खून की जांच होने पर पत्नी का एचआईवी पॉजीटिव होना सामने आने के बाद पत्नी अपने ससुराल से जेवर और अन्य सामान लेकर पीहर चली गई।
पति का आरोप है कि पुलिस ने भी पूरे मामले की सच्चाई बताने के बावजूद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की, जिसके चलते उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। इसके बाद न्यायालय ने माता का थान थाना पुलिस को युवक की रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश देते हुए मामले की स्पष्ट जांच करने के लिए कहा है।