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Jodhpur News: संघर्ष विराम के बाद पटरी पर लौटा जीवन, फलौदी के लोगों ने साझा किए अपने चार दिनों के अनुभव

Mon, 12 May 2025 10:20 AM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

सीजफायर के बाद सीमावर्ती इलाकों में जनजीवन फिर से सामान्य होने लगा है। लोग अपने कामों पर लौटने लगे हैं। सीमा से लगे फलौदी के लोगों ने भारतीय सेना और युद्धविराम को लेकर क्या कहा, जानिये यहां
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राजस्थान - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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चार दिनों तक चले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने राजस्थान के सीमावर्ती जिले फलौदी को निशाना बनाते हुए लगातार तीन दिनों तक ड्रोन और मिसाइल हमले किए। इस दौरान भारतीय सेना और स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों को रेड अलर्ट और ब्लैक आउट के समय कई दिशा-निर्देश जारी किए। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन का पूरा सहयोग करते हुए सभी निर्देशों का पालन किया।
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9 मई की सुबह पाकिस्तानी हमले की आशंका को देखते हुए पूरे जिले में बाजार बंद करवा दिए गए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की आवाजाही भी रोक दी गई। लोगों को घरों में रहने की सख्त हिदायत दी गई। माहौल कुछ ऐसा था जैसे कोरोना काल का लॉक डाउन फिर से लौट आया हो और यह आशंका दोपहर में सच भी साबित हुई, जब फलौदी पर पाकिस्तान की ओर से एक साथ दो से तीन मिसाइलें दागी गईं।

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भारतीय सेना ने अपनी सजगता और उच्च तकनीक से लैस एयर डिफेंस सिस्टम का सटीक उपयोग करते हुए सभी मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि मिसाइलों के कुछ हिस्से फलौदी क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों के खेतों में आकर गिरे, लेकिन इन तीन-चार दिनों में किसी प्रकार की जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। अब संघर्ष विराम के बाद क्षेत्र में जनजीवन फिर से सामान्य हो गया है। बाजार खुल चुके हैं, वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और आमजन अपने दैनिक कार्यों में लौट आया है।
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ग्रामीणों से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी हमलों का कोई भय न पहले था और न ही अब है। उन्होंने कहा कि वे ब्लैक आउट तथा रेड अलर्ट की गाइड लाइन का पूरी तरह पालन कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना था कि हमें हमारी सेना पर पूरा भरोसा है। वह हमारी रक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है और हर हमले को नाकाम कर सकती है। इसलिए हमें न कोई डर था और न कोई परेशानी।
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