नगर निगम चुनाव को लेकर सोमवार को वार्ड आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली छात्रों से पर्चियां निकलवाकर वार्डों का आरक्षण तय किया गया। लॉटरी के दौरान कांग्रेस, भाजपा सहित विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब यह स्पष्ट हो गया है कि नगर निगम के अलग-अलग वार्डों में किस वर्ग के उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतर सकेंगे।
लॉटरी में सबसे पहले अनुसूचित जाति वर्ग के 13 वार्ड आरक्षित किए गए। इनमें वार्ड नंबर 76, 26, 86, 91, 32, 35, 83, 87, 34, 88, 1, 39 और 2 शामिल हैं। इनमें वार्ड 2, 76, 91 और 32 एससी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके बाद अनुसूचित जनजाति के 2 वार्ड 4 और 6 आरक्षित किए गए। इनमें वार्ड नंबर 4 एसटी महिला के लिए रखा गया है।
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ओबीसी के वार्डों में भी आरक्षण तय
अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 20 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। उपलब्ध सूची के अनुसार इनमें वार्ड नंबर 19, 74, 20, 89, 30, 60, 90, 92, 62, 41, 50, 29, 36, 8, 10, 53, 65, 70 और 61 शामिल हैं। इनमें वार्ड 30, 89, 60, 61, 41, 90 और 29 ओबीसी महिला के लिए आरक्षित किए गए हैं।
22 वार्ड सामान्य वर्ग की महिला के लिए आरक्षित
लॉटरी के अगले चरण में 22 वार्ड सामान्य महिला के लिए आरक्षित किए गए। इनमें वार्ड नंबर 13, 52, 56, 59, 57, 33, 3, 97, 46, 68, 14, 11, 85, 51, 44, 12, 71, 78, 24, 99, 95 और 48 शामिल हैं।
वार्ड आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आरक्षण की स्थिति सामने आने के साथ ही कई संभावित प्रत्याशियों के चुनावी समीकरण बदलेंगे। जिन दावेदारों के वार्ड आरक्षित श्रेणी में चले गए हैं, उन्हें अब नए विकल्प तलाशने पड़ सकते हैं, जबकि आरक्षण उनके पक्ष में आने से कई नेताओं की दावेदारी मजबूत होगी। राजनीतिक दल भी अब वार्डवार संभावित प्रत्याशियों के नामों पर मंथन तेज करेंगे।