फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rajasthan News: जनगणना में लगाई मृत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की ड्यूटी, नगर निगम का बड़ा खेला; उठे सवाल

Fri, 03 Apr 2026 12:24 PM IST
जोधपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

जोधपुर नगर निगम की जनगणना ड्यूटी सूची में मृतक और सेवानिवृत्त कर्मचारियों के नाम शामिल पाए गए। निगम ने खुद मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, इसके बावजूद उनकी ड्यूटी लगा दी गई। इसे लेकर परिवार के लोग आक्रोशित हैं।

विज्ञापन
जोधपुर में मृतक और रिटायर्ड कर्मचारियों की जनगणना में ड्यूटी लगाई - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

जोधपुर नगर निगम की एक ऐसी चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है, जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 27 मार्च को प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं निगम कमिश्नर सिद्धार्थ पालानीचामी द्वारा जारी 2084 कर्मचारियों की जनगणना ड्यूटी सूची में उन लोगों के नाम भी शामिल हैं, जो या तो इस दुनिया में नहीं रहे या फिर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस सूची ने एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे किए और पूरे मामले ने निगम प्रशासन के डेटा प्रबंधन और कार्यप्रणाली पर गहरे सवाल उठा दिए हैं।
विज्ञापन


दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
सबसे पहला मामला जय नारायण व्यास यूनिवर्सिटी, जोधपुर के पूर्व यूडीसी अब्दुल वाहिद का है, जिनका निधन 10 मई 2024 को हो चुका है। हैरानी की बात यह है कि नगर निगम ने खुद 15 मई 2024 को उनका मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया था, फिर भी उनका नाम ड्यूटी सूची में शामिल कर दिया गया। उनकी पत्नी नसीम बानो ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ लापरवाही नहीं, बल्कि मृतक के परिवार की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पेंशनर्स कमेटी के संयोजक का नाम
इसी तरह विश्वविद्यालय की पेंशनर्स कमेटी के संयोजक अशोक व्यास, जो अगस्त 2024 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं, उनका नाम भी सूची में दर्ज है। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आधार पर सेवानिवृत्त लोगों को ड्यूटी में शामिल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके साथ ही सेवानिवृत्त हुए वीरम राम और मुनाराम के नाम भी इसी सूची में मौजूद हैं।
विज्ञापन

मामला यहीं नहीं थमा। रामापीर कॉलोनी निवासी दीपक अवस्थी, जिनका 13 फरवरी 2026 को निधन हो चुका है और जिनका शोक संदेश तक सार्वजनिक हो चुका था, उनका नाम भी जनगणना ड्यूटी सूची में पाया गया। उनके परिचितों ने इसे प्रशासनिक संवेदनहीनता की पराकाष्ठा बताया।

इस पूरे मामले ने नगर निगम के डेटा अपडेट सिस्टम और रिकॉर्ड प्रबंधन की पोल खोलकर रख दी है। प्रभावित परिवारों और नागरिकों ने एक स्वर में मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की शर्मनाक चूक दोबारा न हो।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें