जोधपुर जिले में 29 मई को घोड़ों का चौक इलाके में पुरुषोत्तम सोनी और नवरत्न सोनी की दुकान में चोरों ने नकबजनी की वारदात को अंजाम दिया। चोर यहां से एक किलो 91 ग्राम और 31 मिलीग्राम सोने के आभूषण और कटिंग माल ले गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई, जिसमें चोर शीशे का दरवाजा तोड़कर वारदात को अंजाम देते हुए दिखाई देते हैं।
मामले को लेकर स्थानीय व्यापारियों ने रोष व्यक्त किया और पुलिस से जल्द नकबजनों को गिरफ्तार करने की मांग की मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी डॉक्टर अमृता दुहन ने 10 टीमों का गठन किया। टीमें सीसीटीवी आसूचना, रेलवे और बस स्टैंड पर तैनात कर दी गई सीसीटीवी खंगाल रही टीम को इनपुट मिला कि नकबजन प्रिया गेस्ट हाउस में रुके थे और यहां से कपड़े बदल कर आगे रवाना हुए हैं। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में नकबजन पुलिस को चकमा देने के लिए बार-बार अपने कपड़े बदल रहे थे। प्रिया गेस्ट हाउस से पता चला कि यह नकबजन रोडवेज बस स्टैंड की तरफ गए हैं, जिस पर टीमों को रोडवेज बस स्टैंड भेजा गया।
वहीं, अजमेर और जयपुर पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया। अजमेर में आरपीएफ की टीम को भी सूचना दे दी गई, जोधपुर की टीमें अजमेर बस स्टैंड पहुंची और अजमेर पुलिस की मदद से बाजार की होटलों को भी खंगाला गया। आखिरकार, सूचना के आधार पर जोधपुर पुलिस की टीमों ने इन दोनों बदमाशों को अजमेर रोडवेज बस में बैठे गिरफ्तार कर लिया और इनके कब्जे से सोना बरामद कर लिया। दोनों बदमाश हुगली पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं और उनके नाम शेख फरहाद अली और इस्माइल मुंडेल है। शेख फरहाद अली और इस्माइल मंडल साडू है, वहीं शेख फरहाद अली कुछ दिनों पूर्व नकबजनी के एक मामले में कानपुर जेल से छूट कर आया था।
दरअसल, दोनों नकबजनों ने कानपुर में बैठकर योजना बनाई और फिर घटना को अंजाम देने के लिए गाजियाबाद दिल्ली होते हुए 25 मई को जोधपुर पहुंचे। जहां इन्होंने पांच दिन तक घोड़ों का चौक इलाके में रहेगी कि और आखिरकार इस वारदात को अंजाम देकर भाग गए। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी डॉक्टर अमृता दुहन ने 10 टीमों का गठन किया, क्योंकि घटना बड़ी थी और व्यापारियों में रोष था तो पुलिस की टीमों को अलग-अलग टास्क दे दिए गए। सीसीटीवी आसूचना मोबाइल लोकेशन के लिए टीमें भेजी गई, वहीं अजमेर और जयपुर पुलिस को सूचना दी गई।
जीआरपी को भी इन दोनों नकबजनों के बारे में बता दिया गया और आखिरकार पुलिस को कामयाबी मिल ही गई। चोरों ने नकबजनी की वारदात से पूर्व देखा कि यह दोनों दुकानदार अपनी दुकान के महज एक ही ताला लगाते थे, जबकि दूसरे सभी दुकानदार दो ताले लगाते थे, जिसके चलते नकबजनों ने इन दोनों दुकानों को टारगेट किया।