शहर के उम्मेद अस्पताल में कार्यरत महिला नर्सिंग कर्मचारी से 2.40 लाख की ठगी किए जाने का प्रकरण खांडाफलसा थाने में दर्ज हुआ है। ठगी करने वाले व्यक्ति ने खुद को नोएडा क्राइम ब्रांच से बताया और बेटी के दुष्कर्म और हत्या के केस में फंसाने की धमकी देकर रुपये ऐंठ लिए। घबराहट में नर्सिंग कर्मी ने रकम को ट्रांसफर कर दिया। बाद में पता लगा कि बेटी तो सकुशल है। इस बारे में अब खांडाफलसा पुलिस जांच में जुटी है। रुपये होल्ड या रिफंड कराने के जतन किए जा रहे हैं।
डर से रुपये ट्रांसफर किए, बेटी से बात की तो सकुशल
जीवणराम का कुआं नागौरी गेट के अंदर रहने वाली ललिता सोलंकी पत्नी कन्हैयालाल उम्मेद अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ में कार्यरत है। वह सात मई की सुबह अपनी ड्यूटी पर थी। तभी उसके मोबाइल पर एक वाटसअप कॉल आया कि उसके बेटी दुष्कर्म और मर्डर केस में फंस गई है। इसके लिए चार लाख रुपये देने होंगे। इसके लिए शातिर ने मो. शम्स अराफत खां के खाते में रुपये ट्रांसफर करने को कहा।
झांसे में आकर ललिता सोलंकी ने अपने स्टाफ की मदद से पांच अलग-अलग खातों से 2.40 लाख रुपये शातिरों के खाते में ट्रांसफर कर दिए। बदमाशों ने खुद को नोएडा क्राइम ब्रांच से बताया था। रुपये ट्रांसफर करने के बाद ललिता सोलंकी ने अपनी बेटी से बात की तो पता लगा कि वह सकुशल है। तब उसको एहसास हुआ कि उसके साथ फ्रॉड हुआ है। मामले में खांडाफलसा पुलिस ने धोखाधड़ी में प्रकरण दर्ज किया है।