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राजस्थान बस कांड: घायलों से मिले गहलोत, मृतकों के परिजनों को दिलाया भरोसा; कहा- DNA जांच से ही सामने आएगा सच

Wed, 15 Oct 2025 09:56 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर

सार

Jaisalmer Bus Fire: पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में बस हादसे के घायलों और मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर जल्द डीएनए जांच और मुआवजे की घोषणा की मांग की। उन्होंने हादसे के कारणों की गहन जांच पर जोर देते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई नहीं जानी चाहिए।
 
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एमजी अस्पताल जोधपुर में घायलों और मृतकों के परिजनों से मिले पूर्व सीएम अशोक गहलोत - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जैसलमेर बस हादसे के बाद जोधपुर के महात्मा गांधी अस्पताल में भर्ती घायलों से मिलने बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पहुंचे। वे हवाई अड्डे से सीधे अस्पताल पहुंचे और डॉक्टरों से घायलों की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मृतकों के परिजनों से मोर्चरी में जाकर मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी।

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‘घटना बेहद गंभीर, डॉक्टर पूरी मेहनत से कर रहे इलाज’
अशोक गहलोत ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह बहुत गंभीर और दुखद घटना है। अब तक 21 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी चिंता उन मरीजों की है जो ज्यादा बर्न हैं। डॉक्टरों से बात हुई है, उन्होंने विश्वास दिलाया है कि सभी पूरी लगन से इलाज में जुटे हैं। गहलोत ने बताया कि उन्होंने कुछ बच्चों से भी बात की, जिन्होंने उन्हें बताया कि किस तरह वे हादसे से किसी तरह बचकर बाहर आए।
 
‘परिजनों को अपने स्वजनों की पहचान तक नहीं, DNA टेस्ट जल्द पूरे हों’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि मृतकों के परिजन अपने स्वजनों की पहचान तक नहीं कर पा रहे हैं, क्योंकि शव बुरी तरह झुलस गए हैं। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि डीएनए टेस्ट जल्द से जल्द पूरे किए जाएं, ताकि परिवारों को यह पता चल सके कि उनके प्रियजन कौन हैं। गहलोत ने कहा कि हम कलेक्टर और कमिश्नर से लगातार बात कर रहे हैं। कोशिश है कि डीएनए रिपोर्ट जल्द आए, ताकि परिजनों को कम से कम यह सुकून मिले कि उन्हें अपने स्वजन का अंतिम संस्कार करने का अवसर मिले।
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‘बस हादसे की जांच जरूरी, फिटनेस सर्टिफिकेट किसने दिया यह साफ हो’
गहलोत ने हादसे के कारणों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि घटना के पीछे तकनीकी खराबी या लापरवाही की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कोई कह रहा है कि बस नई थी और तकनीकी फॉल्ट हुआ, कोई कह रहा है कि इसे मॉडिफाई किया गया था, कोई कहता है कंप्रेसर फट गया। सरकार को चाहिए कि पूरी जांच करवाए, ताकि यह साफ हो सके कि हादसा कैसे हुआ। फिटनेस सर्टिफिकेट किसने दिया, यह भी स्पष्ट होना चाहिए।

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‘मुआवजे की घोषणा जल्द हो, सरकार करे त्वरित कार्रवाई’
पूर्व मुख्यमंत्री ने हादसे में मृतकों के लिए तत्काल मुआवजे की घोषणा की भी मांग की। उन्होंने कहा कि अभी तक सिर्फ पीएम रिलीफ फंड से ₹2 लाख की घोषणा हुई है, जबकि राज्य सरकार को अधिकतम मुआवजा देना चाहिए। बस में बैठे लोगों की कोई गलती नहीं थी, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अविलंब अधिकतम मुआवजा पैकेज घोषित करना चाहिए। जयपुर और भूंगरा जैसी घटनाओं में सरकार ने मुआवजा दिया था, उसी तरह यहां भी त्वरित निर्णय लिया जाना चाहिए। इस मौके पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह, सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
 
‘घायलों के इलाज में कोई कोताही नहीं, डॉक्टर अलर्ट पर’
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर और पूरा अस्पताल स्टाफ अलर्ट पर है, और गंभीर रूप से झुलसे मरीजों का इलाज प्राथमिकता पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैंने बस के कंडक्टर और मरीजों से बात की है। सबका इलाज जारी है। डॉक्टरों की टीम अच्छा काम कर रही है, उम्मीद है कि कई लोग ठीक हो जाएंगे।

इसी दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने भी मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस लगातार सरकार को घेर रही है, जब भी कोई समस्या होती है तो सरकार के किसी नुमाइंदे के द्वारा जिम्मेदारी तय नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि पहले विद्यालय गिर गया तो शिक्षा मंत्री से हमने इस्तीफा मांगा, लेकिन वह इस्तीफा नहीं हुआ। इसके साथ ही चिकित्सा मंत्री से भी हमने इस्तीफा मांगा, लेकिन नहीं हुआ। हम तो मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। मैं तो यह कहता हूं कि इस बस को फिटनेस का सर्टिफिकेट किसने दिया, सरकार ने हादसे के बाद एक डीटीओ को निलंबित कर दिया। क्या इससे भरपाई हो जाएगी, नहीं होगी।
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जूली ने आगे कहा कि एसएमएस में आग लगी लोग जलकर मर गए। क्या किसी पर कोई कार्रवाई की, कुछ नहीं किया, सिर्फ फॉर्मेलिटी की और बातें खत्म हो गईं। जब सिलेंडर फटा तब भी कितने लोगों की जान गई, उस समय कहा गया था कि हम ब्लैक स्पॉट को चिन्हित करेंगे। कितने चिन्हित किए, सिर्फ और सिर्फ सरकार का दिखावा चल रहा है। दो दिन के बाद भी मुआवजा की घोषणा नहीं होना बड़ी बात है।

उन्होंने कहा कि सीएम साहब यहां आए, मीडिया से बिना मिले वापस चले गए। यह बहुत गंभीर बात है। इस प्रकार की स्थिति नहीं होनी चाहिए। मैं मांग करता हूं कि तुरंत मुआवजा घोषित करें। साथ ही जूली ने सरकार से कई सवाल किए इस प्रकार की कितनी बसें राजस्थान में चल रही हैं, उसको भी टाइम लिमिट चेक किया जाए। पूरे राजस्थान की इस तरह की बसों की जांच करके किस-किस को फिटनेस किसने दी है। क्या एक बस को सिर्फ चित्तौड़गढ़ का डीटीओ ही प्रमाण पत्र दे रहा है या हर जिले में इस तरह से प्रमाण पत्र बांटे जा रहे हैं। उनके सारे अधिकारी कर क्या रहे हैं, क्या दीपावली की कोई और तैयारी चल रही है या जनता की सेवा में लग रहे हैं।

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